Friday, July 1, 2022
Homeदेश-समाज'इस्लाम में बुतपरस्ती गुनाह तो गरबा में क्यों आते हैं?': रतलाम में VHP ने...

‘इस्लाम में बुतपरस्ती गुनाह तो गरबा में क्यों आते हैं?’: रतलाम में VHP ने गरबा पांडालों में ‘गैर-हिंदू का प्रवेश वर्जित’ के पोस्टर लगाए

विहिप धर्म प्रसार के जिलामंत्री चंदन शर्मा ने कहा, "इतिहास में झाँक कर देखें तो हिंदू मंदिरों को तोड़ा गया है। इसलिए अगर उन्हें सच में गरबा और मूर्ति पूजा से प्रेम है तो अपने घर की बहन-बेटियों को इन कार्यक्रमों में क्यों नहीं भेजते?"

हिंदुओं का पवित्र त्योहार नवरात्रि चल रहा है। इस दौरान देश के कई हिस्सों में गरबा का आयोजन किया जाता है। हालाँकि, पिछले कुछ सालों में ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें दूसरे समुदाय के लोगों इन कार्यक्रमों में घुस जाते हैं और वहाँ हिंदू लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और लव जिहाद को अंजाम देते हैं। इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के रतलाम में इस बार नवरात्रि के मौके पर गरबा पांडालों में गैर-हिंदुओं को घुसने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ये कहना है विश्व हिंदू परिषद के जिलामंत्री चंदन शर्मा का।

दरअसल, रतलाम जिले के दुर्गा पांडालों में विश्व हिंदू परिषद ने ‘गैर-हिंदू का प्रवेश वर्जित’ वाले पोस्टर चिपका रखे हैं। इसको लेकर विहिप के धर्म प्रसार आयाम के कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि गैर-हिंदू लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं में हिंदू रिवाजों को शामिल नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें गरबा पांडालों में आने का हक नहीं है।

विहिप धर्म प्रसार के जिलामंत्री चंदन शर्मा ने कहा, “जैसा कि आप सभी को पता है कि धर्म विशेष में बुतपरस्ती गुनाह है। अगर बुतपरस्ती उनके धर्म में गुनाह है तो वे गरबा में वो क्यों आते हैं? इतिहास में झाँक कर देखें तो हिंदू मंदिरों को तोड़ा गया है। इसलिए अगर उन्हें सच में गरबा और मूर्ति पूजा से प्रेम है तो अपने घर की बहन-बेटियों को इन कार्यक्रमों में क्यों नहीं भेजते?”

विहिप नेता ने आगे कहा कि रतलाम की हर वो जगह, जहाँ गरबा हो रहा है, वहाँ इस तरह के पोस्ट लगाए गए हैं। इसके अलावा, ये पोस्टर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगाए जाएँगे। यह पूछे जाने पर कि कैसे गैर-हिंदुओं की पहचान की जाएगी तो इस पर उन्होंने बताया कि जैसे कश्मीर में हिंदू शिक्षकों को आइडी देखकर मारा गया था, उसी तरह हम आईडी देखकर उनकी पहचान करेंगे और इसकी जानकारी प्रशासन को देंगे। इसमें कोई दो राय नहीं कि ऐसे लोग अपनी पहचान को छुपाकर आते हैं, लेकिन हम लोग पूरी कोशिश करेंगें उन्हें रोकने की। विहिप नेता के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के कारण लव जिहाद की घटनाएँ बढ़ीं हैं।

प्रशासन अलर्ट

गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में नवरात्रि के दौरान इस तरह की घटनाओं में इजाफा देखने को मिला है। इसलिए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। खुफिया विभाग भी नजर बनाए हुए है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे, नहीं थी किसी को कल्पना’: राजनीति के धुरंधर एनसीपी चीफ शरद पवार भी खा गए गच्चा, कहा- उम्मीद थी वो...

शरद पवार ने कहा कि किसी को भी इस बात की कल्पना नहीं थी कि एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का सीएम बना दिया जाएगा।

आँखों के सामने बच्चों को खोने के बाद राजनीति से मोहभंग, RSS से लगाव: ऑटो चलाने से महाराष्ट्र के CM बनने तक शिंदे का...

साल में 2000 में दो बच्चों की मौत के बाद एकनाथ शिंदे का राजनीति से मोहभंग हुआ। बाद में आनंद दिघे उन्हें वापस राजनीति में लाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
201,261FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe