Wednesday, December 7, 2022
Homeदेश-समाजश्रीशैलम मंदिर पर मुस्लिमों का कब्जा, पूजा वाले फूलों की टोकरी में ही ले...

श्रीशैलम मंदिर पर मुस्लिमों का कब्जा, पूजा वाले फूलों की टोकरी में ही ले जाते हैं मटन: BJP विधायक टी राजा का आरोप

"रजाक श्रीशैलम मंदिर का ठेकेदार है। उसकी पत्नी वहाँ पर सुपरवाइजर है। मंदिर की जिन टोकरियों में पूजा-पाठ के फूल जाते हैं, उन्हीं टोकरियों में बकरे का गोश्त भी ले जाया जाता है।"

गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम मंदिर पर मुस्लिमों का कब्ज़ा हो चुका है। डेक्कन क्रॉनिकल (Deccan Chronicle) की रिपोर्ट के मुताबिक़ मंदिर से नज़दीक स्थित लगभग सभी दुकानों के ठेकों पर उनका एकाधिकार हो चुका है। वहाँ की गौशालाओं में मौजूद गायों की उनके माँस के लिए हत्या की जाती है।  

राजा सिंह ने दावा किया है कि रज़ाक नाम का व्यक्ति श्रीशैलम मंदिर का ठेकेदार है और उसकी पत्नी वहाँ पर बतौर सुपरवाइजर कार्यरत है। रज़ाक श्रीशैलम से विधायक शिल्पा चक्रपाणी रेड्डी (YSRCP) का नज़दीकी है और उसका भाई TDP नेता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसलिए सत्ता भले किसी की भी क्यों न हो, रज़ाक बंधुओं का पूरे मंदिर पर नियंत्रण है। 

गौशाला में होती है गौहत्या

रिपोर्ट के मुताबिक़ टी राजा सिंह ने कहा है कि रज़ाक पर कई गंभीर मामले लंबित हैं। इनमें से एक फूलों की टोकरी में बकरे का गोश्त ले जाने से संबंधित है। इन्हीं फूलों का इस्तेमाल मंदिर की पूजा-पाठ में भी होता है। रज़ाक की सुपरवाइजर पत्नी की मदद से वहाँ पर गौहत्या भी की जाती है, जो कि पूर्णतः प्रतिबंधित है। 

शिल्पा चक्रपाणी रेड्डी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि वह संक्रांति के बाद भाजपा विधायक के साथ इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा, “सारे आरोप झूठे, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण हैं और सिर्फ लोगों को भड़काने के लिए लगाए गए हैं।” रेड्डी ने कहा कि वह कट्टर हिन्दू हैं और उन्होंने यह मंदिर अपने रुपयों से बनवाया है। 

मंदिर की गौशाला में मौजूद हैं हज़ारों गाय

मंदिर प्रशासन से जुड़े व्यक्ति के मुताबिक़ अक्षय निधि अधिनियम (Endowments Act) कहता है कि अन्य धर्मों के लोग इस मंदिर शहर में नहीं रह सकते हैं। लेकिन श्रीशैलम में रहने वाले मुस्लिमों ने इसके विरोध में अदालत का रुख किया और फ़िलहाल यह मामला अदालत में लंबित है।

गौशाला सुपरवाइजर पर गौहत्या का आरोप लगाए जाने के बाद उसका स्थानान्तरण कर दिया गया। श्रीशैलम ब्रह्मारम्भा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर द्वारा संचालित गौशाला में लगभग 1542 गाय-बैल मौजूद हैं।           

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

काशी तमिल संगमम: जीवंत परंपराओं को आत्मसात करने की विशेषता ही भारतीय सांस्कृतिक संपूर्णता का आधार

प्रथम तमिल संगम मदुरै में हुआ था जो पाण्ड्य राजाओं की राजधानी थी और उस समय अगस्त्य, शिव, मुरुगवेल आदि विद्वानों ने इसमें हिस्सा लिया था।

AAP को बहुमत, लेकिन भाजपा का ही होगा मेयर? LG नॉमिनेट करेंगे 12 पार्षद और बदल जाएगा खेल?- MCD पर इस दावे में कितना...

MCD चुनाव के बाद AAP की मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। मेयर और MCD चुनावों में दल-बदल कानून लागू नहीं होने के कारण क्रॉस वोटिंग की गुंजाइश है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
237,221FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe