Homeदेश-समाजकमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को बैंक धोखाधड़ी केस में अदालत ने 14 दिन...

कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को बैंक धोखाधड़ी केस में अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

रतुल पुरी पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354.51 करोड़ रुपए की चपत लगाने का आरोप है। CBI ने इस मामले में 17 अगस्त को FIR दर्ज की थी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बैंक फर्जीवाड़ा केस में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यानी कि रतुल पुरी 14 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। रतुल पुरी के खिलाफ सीबीआई और ईडी दोनों संस्थाएँ जाँच कर रही हैं।

इससे पहले, 19 अगस्त को मोजर बेयर कंपनी के पूर्व निदेशक रतुल पुरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ईडी को 3 सिंतबर तक रतुल पुरी की कस्टडी मिली हुई थी। रतुल पुरी की गिरफ्तारी के बाद मोजर बिअर ने बयान जारी कर गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। कंपनी का कहना था कि उसने सभी कानून का पालन किया है।

गौरतलब है कि, रतुल पुरी पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 354.51 करोड़ रुपए की चपत लगाने का आरोप है। CBI ने इस मामले में 17 अगस्त को FIR दर्ज की थी। बाद में ED की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया था। रतुल के अलावा एमबीआईएल के प्रबंध निदेशक दीपक पुरी (रतुल पुरी के पिता), कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक उनकी पत्नी नीता पुरी (रतुल की माँ और कमलनाथ की बहन), निदेशक संजय जैन, विनीत शर्मा और अन्य अज्ञात सरकारी सेवकों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया जा चुका है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ महात्मा बुद्ध ने दिया पहला उपदेश, वो सारनाथ अब UNESCO की विश्व धरोहर: UP की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान, जानें- राज्य के...

UNESCO ने सारनाथ को भारत का 45वाँ विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। 28 वर्षों के इंतजार के बाद मिली इस उपलब्धि से पूर्वांचल को नई पहचान मिली।

UP में शिक्षकों-शिक्षणेत्तर कर्मियों के लिए ‘CM शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ लागू, 20+ लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा: जानिए योगी सरकार ने क्यों लिया...

आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रित परिजनों को स्वास्थ्य-सुरक्षा प्रदान करने वाली 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' शुरू की गई।
- विज्ञापन -