Homeदेश-समाजRTI कार्यकर्ता के पैर में ठोंकी कील, मूत्र पिलाया: कॉन्ग्रेस शासन वाले राजस्थान में...

RTI कार्यकर्ता के पैर में ठोंकी कील, मूत्र पिलाया: कॉन्ग्रेस शासन वाले राजस्थान में शराब माफियाओं का खौफ

पीड़ित RTI एक्टिविस्ट के पैरों पर सरियों से वार हुआ, पैरों में कीलें ठोंकने के लिए हथौड़ा चलाया गया। जिससे बताया जा रहा है कि सरिया आर-पार हो गया। वहीं उनकी हालत गंभीर होने के कारण जोधपुर रैफर कर दिया गया है।

राजस्थान के बाड़मेर में शराब माफियाओं की शिकायत करने वाले RTI कार्यकर्ता की बुरी तरह पिटाई की गई है। RTI कार्यकर्ता अमराराम के पैरों में कीलें ठोंक दी गई हैं। उन्हें पेशाब पिलाई गई। इस समय अमराराम की हालत गंभीर बताई जा रही। हालाँकि, खबर ये भी है कि राजस्थान पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना बुधवार (22 दिसम्बर, 2021) की है।

जानकारी के मुताबिक अमराराम जोधपुर से गाँव चिमोणियों की ढ़ाणी जा रहे थे। तभी रास्ते में स्कोर्पियो सवार 8 बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। उन्हें कुंपलिया गाँव में एक वीरान जगह पर ले जा कर बेरहमी से मारा गया। पीड़ित के शरीर में फैक्चर बताया जा रहा है। पीड़ित के पैरों पर सरियों से वार हुआ, पैरों में कीलें ठोंकने के लिए हथौड़ा चलाया गया। जिससे बताया जा रहा है कि सरिया आर-पार हो गया। वहीं उनकी हालत गंभीर होने के कारण जोधपुर रैफर कर दिया गया है।

बता दें कि अमराराम ने खुद को मिल रहीं धमकियों को अपने फेसबुक पर सार्वजनिक किया था। उन्होंने किसी से न डरने और अंतिम साँस तक लड़ने की बात कही थी। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में भी की थी। इस मामले पर राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान पुलिस, आबकारी विभाग और बाड़मेर प्रशासन से रिपोर्ट माँगी है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया, “पीड़ित का इलाज पुलिस की देखरेख में हो रहा। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस की 4 टीमें लगाई गई हैं। हमलवारों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 15 दिसम्बर को अमराराम की शिकायत पर पुलिस ने किराना स्टोर की आड़ में बिक रही भारी मात्रा में अवैध शराब भी बरामद किया था।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या होता है एम्बर, 6.5 करोड़ साल के टाइमलाइन शिफ्ट का क्या मतलब है: समझिए चीन में मिला ‘जीवाश्म कैप्सूल’ क्यों है इतना खास

चीन में 65 मिलियन साल पुराना टाइमलाइन कैप्सूल यानी एम्बर मिला है, जिसने अब तक मिले एम्बर की धारणा को बदल दिया है। यह चट्टानों के बीच मिला है।

‘फ्लाइट का इंजन हवा में बंद…’ केजरीवाल जिस डर को बेच चमका रहे राजनीति, समझिए उस SAF का पूरा विज्ञान; कितनी खतरनाक है E50...

अरविंद केजरीवाल ने ATF में एथेनॉल और भविष्य में E50 पेट्रोल को लेकर सवाल उठाए हैं। जानिए SAF क्या है और उनके दावों में कितना दम है।
- विज्ञापन -