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कमलेश तिवारी की पत्नी ने कहा- हत्यारों को जेल में रोटी न खिलाना, मॉं ने मृत्युदंड की मॉंग दोहराई

कमलेश तिवारी की माँ कुसुम तिवारी ने कहा है कि वो अपने बेटे के हत्या के मामले में गिरफ़्तार सभी आरोपितों की गिरफ़्तारी से ख़ुश हैं। 18 अक्टूबर को हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष तिवारी की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद से ही यूपी पुलिस की एसटीएफ और गुजरात पुलिस की एटीएस इस मामले में कार्रवाई कर रही थी।

गुजरात एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों मुख्य आरोपितों अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन को गिरफ़्तार कर लिया। मंगलवार (अक्टूबर 22, 2019) की शाम को ख़बर आई कि गुजरात
एटीएस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। इससे पहले दोनों लगातार भागते फिर रहे थे और यूपी पुलिस की एसटीएफ ने इनकी तलाश में बरेली से लेकर शाहजहाँपुर तक जाल बिछाया था। उन दोनों को कई जिलों में उनके परिचितों से मदद मिली थी। इस मामले में पलिया से तौहीद नाम का पुलिस ड्राइवर और बरेली के एक मुफ़्ती को भी हिरासत में लिया गया था।

अब ख़बर आ रही है कि कमलेश तिवारी के परिजन इस गिरफ़्तारी से संतुष्ट हैं। इससे पहले सूरत से इस हत्याकांड के 3 साजिशकर्ताओं को धर-दबोचा गया था। कमलेश तिवारी की माँ कुसुम तिवारी ने कहा है कि वो अपने बेटे के हत्या के मामले में गिरफ़्तार सभी आरोपितों की गिरफ़्तारी से ख़ुश हैं। साथ ही उन्होंने कमलेश तिवारी की पत्नी की माँग दोहराते हुए कहा कि सभी दोषियों को फाँसी की सज़ा दी जानी चाहिए। कमलेश तिवारी की माँ ने कहा कि वो सरकार की कार्रवाई से भी संतुष्ट हैं।

बता दें कि 18 अक्टूबर को हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद से ही यूपी पुलिस की एसटीएफ और गुजरात पुलिस की एटीएस इस मामले में कार्रवाई कर रही थी। कमलेश तिवारी की माँ ने कहा कि गुजरात एटीएस ने बेहतरीन कार्य किया है। कमलेश तिवारी की पत्नी ने माँग की कि आरोपितों को जेल में रोटी न खिलाई जाए। वहीं, उनके बड़े बेटे सत्यम ने भी फाँसी की माँग दोहराई। हत्यारोपितों में अशफ़ाक़ मेडिकल रिप्रजेंटेटिव का काम करता था। वहीं मोईनुद्दीन जोमाटो का डिलीवरी बॉय था। इन्होने सूरत में अपने परिवार से संपर्क कर रुपए का बंदोबस्त करने को कहा था, जिसके बाद ये धर-दबोचे गए।

गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ल ने बताया कि दोनों हत्यारोपितों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।ये वही दोनों हैं, जिन्होंने भगवा वस्त्रों में कमलेश तिवारी के ख़ुर्शीदबाग स्थित घर में घुस कर उनकी हत्या कर दी थी। सीसीटीवी में इनकी तस्वीरें भी आ गई थीं। 2015 में कमलेश तिवारी पर पैगम्बर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी देने का आरोप लगा था। आरोपितों ने इसी कारण उनकी हत्या की साज़िश रची।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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