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‘गीता बुरी है, बाइबिल पढ़ो’: कन्याकुमारी में ईसाई टीचर हिंदू विद्यार्थियों को ईसा की प्रार्थना के लिए करता था मजबूर, मना करने पर देता था दंड, हुआ निलंबित

इससे पहले तमिलनाडु के तंजावुर स्थित थिरुकट्टुपाली के सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा लावण्या ने ईसाई धर्म नहीं अपनाने पर स्कूल अधिकारियों द्वारा लगातार प्रताड़ित होने के बाद आत्महत्या कर ली थी।

तमिलनाडु के कन्याकुमारी (Kanyakumari, Tamil Nadu) में सरकारी हाईस्कूल की एक हिंदू छात्रा ने बुधवार (13 अप्रैल 2022) को देवी-देवताओं (Hindu God) के खिलाफ भद्दी टिप्पणी करने को लेकर अपने ईसाई शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कन्नट्टुविलई इलाके के स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उसे ईसाई प्रार्थना करने के लिए मजबूर किया। छात्रा और उसके माता-पिता ने शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में कन्याकुमारी जिला प्रशासन ने आरोपित ईसाई शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को जाँच करने का निर्देश दिया है।

यह मामला तब सामने आया, जब छठी कक्षा की छात्रा के माता-पिता ने वीडियो जारी कर शिक्षक की करतूतों के बारे में बताया। वीडियो में लड़की ने कहा कि शिक्षक ने छात्रों से ईसाई प्रार्थना करने के लिए कहा और हिंदू देवताओं के साथ दुर्व्यवहार किया। दर्ज शिकायत के अनुसार लड़की ने कहा, “उन्होंने हमें बाइबल पढ़ने के लिए कहा। हमने कहा कि हम हिंदू हैं। हम भगवदगीता पढ़ते हैं। इस उन्होंने कहा कि भगवदगीता बुरी है और बाइबल में अच्छी चीजें हैं, इसलिए हमें बाइबल पढ़नी चाहिए।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुए लड़की के इस वीडियो में आगे कहा गया है कि स्कूल में सिलाई सिखाने वाले ईसाई शिक्षक छात्रों को दोपहर के भोजन से पहले घुटने टेककर और हाथ जोड़कर ईसाई प्रार्थना करने के लिए कहते थे। वह सिलाई कक्षा में धागे के साथ एक क्रॉस भी खींचती थी और छात्रों को ईसाई धर्म में विश्वास करने के लिए कहती थी। लड़की के अनुसार, हिंदू छात्रों ने ईसाई प्रार्थना पढ़ने से इनकार कर दिया, तब शिक्षक ने उन्हें जबरदस्ती बुलाया और उन्हें स्कूल परिसर के भीतर घुटने टेकने का आदेश दिया।

पूछताछ के दौरान लड़की ने पुलिस को बताया कि शिक्षक ने एक शैतान (हिंदू) और एक ईसाई से जुड़ी एक कहानी के बारे में बताई थी। उसने कहा, “शैतान और एक ईसाई बाइक पर सवार थे। वे एक दुर्घटना में मर गए। पास में कुछ लोग बाइबल पढ़ रहे थे और मरे हुए लोग फिर से जीवित हो गए।”

यह पहली घटना नहीं है जिसमें हिंदू छात्रों को दूसरे धर्म में धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया है। इससे पहले जनवरी में तमिलनाडु के तंजावुर स्थित थिरुकट्टुपाली के सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा लावण्या ने ईसाई धर्म नहीं अपनाने पर स्कूल अधिकारियों द्वारा लगातार प्रताड़ित होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि स्कूल ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है तो उसे ईसाई धर्म अपनाना होगा।

इसके साथ ही 6 जनवरी को एक हिंदू लड़की ने एक वीडियो जारी कर शिकायत की कि ऑर्किड इंटरनेशनल स्कूल में गणित के एक शिक्षक ने छात्रों को एक समस्या हल करने में विफल रहने के लिए अल्लाह के नाम पर प्रार्थना करने के लिए मजबूर किया था और साथ इसे किसी से नहीं बताने के लिए कहा था। वीडियो में दिख रही लड़की ने कहा था कि उसके शिक्षक ने हिंदू छात्रों को अपने हाथों का एक कटोरा बनाने और अल्लाह के नाम पर प्रार्थना करने के लिए कहा था, जो एक ‘बेहतर भगवान’ है।

मौजूदा मामले में सरकारी स्कूल कन्याकुमारी जिले के कन्नट्टुविलई इलाके में स्थित है, जहाँ आसपास के इलाकों के 300 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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