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शाहिद जेल से बाहर आते ही ’15 साल’ की लड़की को फिर से ले भागा, अलग-अलग धर्म के कारण मामला संवेदनशील

शाहिद नाम का लड़का जेल जाता है। आरोप होता है एक लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाने का। लड़के को बेल मिलती है, जेल से बाहर आता है और फिर उसी लड़की को भगा कर ले जाता है। लड़की के माँ-पिता...

शाहिद नाम का लड़का जेल जाता है। आरोप होता है एक लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाने का। लड़के को बेल मिलती है, जेल से बाहर आता है और फिर उसी लड़की को भगा कर ले जाता है।

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के भदोही का है। जिस लड़की को शाहिद भगा कर ले गया, उनके माँ-पिता के अनुसार लड़की की उम्र मात्र 15 साल है। इसके लिए वो आधार कार्ड के साथ-साथ स्कूल का रिकॉर्ड भी दिखाते हैं।

लड़की के परिवार वालों के अनुसार पुलिस और उम्र की जाँच करने वाली मेडिकल टीम ने मिलीभगत की है। रेडियोलॉजिस्ट की जाँच में लड़की की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच आँकी गई है। यही कारण है कि पिछली बार जब आरोपित शाहिद ने बहला-फुसला कर लड़की को भगाया था तब भी पाक्सो एक्ट की धाराएँ नहीं लगाई गई थी।

नाबालिग या बालिग लड़की (मेडिकल रिपोर्ट या आईडी के जरिए) के बीच फँसे इस केस में आरोपित शाहिद को जमानत मिल जाती है। और जिस बात का लड़की के परिवार वालों को डर था, वही होता है – छूटते ही शाहिद फिर से लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाता है।

12 नवंबर को ही इस मामले में दोबारा शाहिद के खिलाफ शिकायत दर्ज की जाती है। लेकिन उम्र पर तकनीकी झोल के कारण न तो फिर से पाक्सो एक्ट की धाराएँ लगाई गईं और न ही अभी तक शाहिद या भगाई गई लड़की का ही कुछ पता चल पाया है। आरोपित और लड़की के अलग-अलग धर्म से होने के कारण मामला संवेदनशील है।

लड़की के परिवार वालों ने पुलिस और प्रशासन से समुचित कार्रवाई की माँग की है। आपको बता दें कि इससे पहले इसी साल मार्च में शाहिद ने लड़की को बहला-फुसला कर भगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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