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मेला देखने गईं हिन्दू महिलाओं को शमीम और सदरुद्दीन ने पीटा, पेट पर मारी लात: साधुओं ने किसी तरह बचाया, भाई को मिली धमकी – कब्रिस्तान में दफन कर देंगे

पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 323, 504 व 506 के तहत FIR दर्ज की है। FIR में सदरुद्दीन और शमीम को नामजद किया गया है। 2 अन्य आरोपित अज्ञात में दिखाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक हिन्दू युवक, उसकी माँ और बहन पर हमले की खबर है। हमले का आरोप शमीम और सदरुद्दीन के साथ उनके 2 अन्य अज्ञात साथियों पर लगा है। पीड़ित युवक परिवार सहित मेला देखने आया था। बीच-बचाव मेले में मौजूद कुछ साधुओं ने किया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना सोमवार (12 फरवरी, 2024) की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित युवक ने बताया कि उन्हें मार कर कब्रिस्तान में दफन करने की धमकी दी गई थी।

यह मामला फर्रुखाबाद जिले के थाना क्षेत्र कादरी गेट का है। पीड़ित युवक विकास राजपूत ने मंगलवार (13 फरवरी, 2024) को मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। शिकायत में विकास ने बताया कि सोमवार (12 फरवरी, 2024) को वह अपने परिवार के साथ मेला रामनगरिया में घूमने गए थे। विकास के साथ उनका एक भाई, माँ और 2 बहनें थीं। रात लगभग 10:15 बजे विकास परिवार सहित एक चूड़ी कंगन की दुकान पर पहुँचे। यहाँ वो एक बिछी चारपाई पर बैठने लगे। तभी युसूफ का बेटा शमीम और शाकिर का बेटा सदरुद्दीन अपने 2 अन्य अज्ञात साथियों सहित विकास को गालियाँ देने लगा।

जब विकास ने इसका विरोध किया तब आरोपितों ने मिल कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। विकास की माँ, दोनों बहनें और भाई भी मदद के लिए दौड़े तो उनको भी गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए आरोपितों ने मारा-पीटा। दावा है कि इस हमले में विकास के परिजनों को काफी चोटें आईं हैं। जब आसपास के लोग जमा होने लगे तो आरोपित गालियाँ और जान से मार डालने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। ऑपइंडिया से बात करते हुए विकास ने बताया कि उन्हें कब्रिस्तान में दफन करने की धमकी दी गई थी।

पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 323, 504 व 506 के तहत FIR दर्ज की है। FIR में सदरुद्दीन और शमीम को नामजद किया गया है। 2 अन्य आरोपित अज्ञात में दिखाए गए हैं। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। न्यूज़लाइन नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 2 आरोपितों को हिरासत में भी लिया जा चुका है।

इस मामले में चश्मदीद साधुओं का वीडियो सामने आया है। साधुओं का कहना है कि उन्होंने अपनी आँखों से देखा कि हमलावर न सिर्फ युवक बल्कि उनके घर की औरतों को बुरी तरह से पीट रहे थे। महिलाओं के पेट में भी लात मारे जाने का दावा किया गया है। साधुओं ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने एकजुट हो कर पीड़ितों को न बचाया होता तो आशंका थी कि आरोपित उनकी हत्या कर देते। साधुओं ने हमलावरों पर कठोर कार्रवाई की भी आशा जताई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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