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मुस्लिम बहुल इलाके में विजयादशमी जुलूस पर पथराव: राजस्थान प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू, इंटरनेट बंद

घटना के विरोध में मालपुरा के विधायक 150 लोगों के साथ धरने पर बैठ गए और रावण दहन भी नहीं किया। इनकी माँग थी कि जब तक पत्थरबाजों को नहीं पकड़ा जाएगा, तब तक वह रावण दहन नहीं करेंगे।

दशहरे के शुभ अवसर पर राजस्थान के टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में अराजक तत्वों द्वारा जुलूस पर पथराव किए जाने के बाद से वहाँ के हालात तनावपूर्ण हैं। जिला प्रशासन ने बिगड़ी स्थिति को देखते हुए इलाके में सुबह 6 बजे से कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही रात 12 बजे के बाद से यहाँ सभी कंपनियों की इंटरनेट सेवाओं को आगामी 48 घंटे के लिए बंद कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक इलाके में दशहरे का जुलूस जब मुस्लिम बहुल इलाके की आरएसी चौकी के पास से गुजर रहा था, उसी समय माहौल बिगाड़ने के लिए कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इससे जुलूस में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई।

दशहरे पर हुई इस घटना के विरोध में मालपुरा के विधायक कन्हैयालाल 150 लोगों के साथ धरने पर बैठ गए और रावण दहन भी नहीं होने दिया गया। इनकी माँग थी कि जब तक पत्थरबाजों को नहीं पकड़ा जाएगा, तब तक वह रावण दहन नहीं करेंगे। लेकिन हालातों के बिगड़ने के डर से प्रशासन ने नगरपालिका के कर्मचारियों के साथ मिलकर आज सुबह 4:30 बजे रावन दहन कर दिया और इसके बाद 6 बजे से ही वहाँ पर कर्फ्यू लगा है। मालपुरा विधायक अब भी थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं।

घटना के बाद से इलाके की स्थिति इतनी नाजुक थी कि पूरे दशहरा मैदान को पुलिस व अन्य बलों के जवानों ने अपनी निगरानी में ले लिया। बाद में कलेक्टर केके शर्मा व एसपी आदर्श सिद्धु की उपस्थिति में रावण दहन हो पाया। सुबह कस्बे में अख़बारों के वितरण पर रोक लगाते हुए रोडवेज़ बसों से पहुँचे अखबारों के बंडलों को भी प्रशासन ने कब्ज़े में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस का दावा है कि वो इस मामले के संबंध में 6-7 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल मँगवा लिया गया है। जबकि एसपी सिद्धू का कहना कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध बदमाशों की पहचान व उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि टोंक जिले में मालपुरा कस्बा हमेशा से संवेदनशील रहा है। यहाँ कहा जाता है कि हर साल 2 या 3 बार हिंदू मुस्लिम आबादी आपस में भिड़ते हैं। जिसके चलते कई बार यहाँ दंगे भी हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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