Thursday, June 20, 2024
Homeदेश-समाज'श्रीकृष्ण मंदिर पर बने ईदगाह मस्जिद में नमाज पढ़ने पर लगे रोक, मंदिर के...

‘श्रीकृष्ण मंदिर पर बने ईदगाह मस्जिद में नमाज पढ़ने पर लगे रोक, मंदिर के चिह्नों को मिटा रहे मुस्लिम’: DM को हिंदू पक्ष ने लिखी चिट्ठी

एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि शाही ईदगाह मस्जिद भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह पर बनी हुई है। इसको जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जो न्यायालय में जारी है। उन्होंने कहा कि विवाद के बावजूद पिछले कुछ दिनों से ईदगाह मस्जिद में पाँच वक्त नमाज पढ़ी जाने लगी है।

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बने विवादित शाही ईदगाह मस्जिद में नमाज पढ़ने को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए इस पर रोक लगाने की माँग की गई है। हिंदुओं का कहना है कि ईदगाह में पहले कभी नमाज नहीं पढ़ी गई, लेकिन पिछले कुछ समय से इस विवादित मस्जिद में पाँचों वक्त की नमाज पढ़ी जाने लगी है। इस संबंध में श्रीकृष्ण मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी के नाम एक प्रार्थना पत्र एडीएम को सौंपा है।

एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि शाही ईदगाह मस्जिद भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह पर बनी हुई है। इसकी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जो न्यायालय में है। उन्होंने कहा कि विवाद के बावजूद पिछले कुछ दिनों से ईदगाह मस्जिद में पाँच वक्त नमाज पढ़ी जाने लगी है। इसके पहले इस मस्जिद में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने तर्क दिया कि इस हरकत से सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने का खतरा बन गया है।

महेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थना पत्र में तर्क दिया कि ईदगाह मस्जिद भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर एक हिस्से को तोड़कर बनाया गया है। क्रूर मुस्लिम आक्रांता औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर ईदगाह मस्जिद का निर्माण कराया था। उन्होंने कहा कि मस्जिद के दीवारों पर आज भी मंदिर के अवशेष के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि इसके दीवारों पर शंख, चक्र आदि स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। मुस्लिम पक्ष जान-बूझकर इन चिह्नों को मिटाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए ईदगाह में नमाज पढ़ने से रोकना बहुत जरूरी है।

वहीं, अखिल भारत हिंदू महासभा ने 6 दिसंबर को ईदगाह पर ठाकुर जी का अभिषेक करने का निर्णय लिया गया। महासभा ने एक स्वर में कहा कि ईदगाह पर ठाकुर जी का अभिषेक बिना किसी तोड़फोड़ के शांति से संपन्न किया जाएगा।

इधर श्रीकृष्ण विराजमान प्रकरण मेें बुधवार (24 नवंबर) को भी जिला जज की अदालत में मुस्लिम पक्ष ने दावे की कमियाँ गिनाईं। अदालत ने बहस पूरी होने के लिए दो दिसंबर की तारीख नियत की है। उधर, जिला जज ने अभी तक इस संबंध में दायर सभी दावों की सूची माँग ली है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री द्वारा पेश किए गए श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन के दावे की स्वीकारोक्ति संबंधी न्यायिक प्रक्रिया बुधवार को जारी रही।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UGC-NET जून 2024 परीक्षा रद्द, 18 जून को 11.21 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा: साइबर क्राइम सेल से मिला सेंधमारी का इनपुट,...

परीक्षा प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा रद्द की जाए।

मंच से उड़ा रहे थे भगवान राम और माता सीता का मजाक, नीचे से बज रही थी सीटी: एक्शन में IIT बॉम्बे, छात्र पर...

भगवान का मजाक उड़ाने वाले छात्रों के खिलाफ 1.20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं कुछ छात्रों को हॉस्टल से निलंबित भी किया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -