Wednesday, November 30, 2022
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‘वो हमारे बच्चे, ये मामूली झगड़ा’: यूपी-बिहार के छात्रों पर कॉलेज और पुलिस नहीं करेगी कार्रवाई, Pak की जीत का जश्न मना रहे कश्मीरियों को पीटा था

"वो हमारे बच्चे हैं और हम कोई कार्रवाई नहीं करने जा रहे। ऐसी कोई योजना ही नहीं है और यूपी-बिहार के छात्रों को कुछ नहीं होगा। ये छात्रों का झगड़ा था और इसे सुलझा लिया गया है। उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा गया है।"

पंजाब के ‘भाई गुरुदास इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (BGIET)’ के उन यूपी-बिहार के छात्रों को को निष्काषित नहीं किया गया है, जिन्होंने कथित रूप से पाकिस्तान की जीत का जश्न मना रहे कश्मीरी छात्रों की पिटाई की थी। कॉलेज प्रशासन ने ऑपइंडिया से इसकी पुष्टि की है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि यूपी-बिहार के छात्रों पर कार्रवाई हुई है। एक कश्मीरी छात्र ने ये दावा किया था।

T20 विश्व कप में भारत को पहले ही मैच में पाकिस्तान से 10 विकेट से मात मिली, जिसके बाद ये कश्मीरी छात्र जश्न मना रहे थे। रविवार (24 अक्टूबर, 2021) को रात साढ़े 11 बजे ये घटना हुई, जब यूपी-बिहार के छात्रों ने पाकिस्तान के समर्थन में जश्न का विरोध किया। एक कश्मीरी छात्र ने वीडियो शेयर कर दावा किया था कि यूपी-बिहार के छात्र उनके कमरों में घुस आए और उनलोगों की जम कर पिटाई की।

इस दौरान कमरों में तोड़फोड़ किए जाने का भी दावा किया गया। खबर के औसर, यूपी-बिहार, कश्मीर और हरियाणा के छात्र अपने-अपने कमरों में भारत-पाकिस्तान का मैच देख रहे थे। कश्मीरी छात्र लगातार पाकिस्तान के लिए नारे लगा रहे थे और उन्होंने ‘आज़ादी’ के नारे भी लगाए। पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फोड़े गए। अन्य राज्यों के छात्र इससे चिढ़ गए और दोनों पक्षों में संघर्ष शुरू हो गया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आना पड़ा।

पटियाला के IGP (इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) एमएस चिन्ना ने बताया कि कश्मीर और यूपी-बिहार के छात्रों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों ने लिखित में दिया है कि वो आगे से इस तरह की हरकतों का हिस्सा नहीं बनेंगे और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे। IGP ने बताया कि दोनों पक्षों ने माफ़ी भी माँगी है। पुलिस का कहना है कि मामला दोस्ताना रूप से सुलझा लिया गया है। दोनों पक्षों के 25-30 छात्रों में संघर्ष हुआ था।

सोशल मीडिया का दावा निकला झूठा, यूपी-बिहार के छात्रों पर कार्रवाई नहीं

BGIET के डायरेक्टर ने बताया कि कॉलेज ने इस मामले की जाँच के लिए एक 5 सदस्यीय टीम का गठन किया है, जिसमें DSW (डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर) भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी पाया गया तो कॉलेज कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि छोटा-मोटा झगड़ा हुआ था, लेकिन सोशल मीडिया शेयर हो रहे कई वीडियो इस घटना के नहीं हैं। संगरूर के एसपी स्वप्न शर्मा ने ऑपइंडिया से कहा कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है, क्योंकि ये छात्रों का झगड़ा था और इसे सुलझा लिया गया है। उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा गया है।

सोमवार को ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट शेयर शेयर होने लगे कि यूपी-बिहार के उन छात्रों को कॉलेज से निष्काषित कर दिया गया है। राशिद नाम के एक छात्र ने वीडियो में ये दावा किया था। BGIET के एसोसिएट प्रोफेसर प्रांजल शुक्ल ने ऑपइंडिया को बताया कि ये सोशल मीडिया रिपोर्ट्स गलत हैं और छात्रों के छोटे से झगड़े को तुरंत सुलझा लिया गया था, कॉलेज ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

उन्होंने कहा कि वो हमारे बच्चे हैं और हम कोई कार्रवाई नहीं करने जा रहे। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई योजना ही नहीं है और यूपी-बिहार के छात्रों को कुछ नहीं होगा। सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो में दिख रहा है कि कैसे कमरों में तोड़फोड़ हुई है। कश्मीरी दावा करते हैं कि ये बिहार, उत्तर प्रदेश के लोगों ने किया है। उनका पूछना है कि वो पढ़ने आए हैं, उनके साथ ऐसा बर्ताव क्यों? क्या वो भारतीय नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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