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दीक्षांत समारोह में पहुँचे उपराष्ट्रपति: JNU के हजारों छात्र उतरे सड़क पर फीस समेत कई मुद्दों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

बसंत कुंज स्थित ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के सभागार में आयोजित हो रहे जेएनयू के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू मुख्य अतिथि के तौर पर पहुँचे हैं। जहाँ उनके साथ मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित हैं।

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एक बार फिर हजारों छात्रों के सड़कों पर उतर आने की बात सामने आई है। लेकिन इस बार मामला फीस वृद्धि, ड्रेस कोड और हॉस्टल से जुड़े नियम कानून को लेकर है। इसके अलावा कहा जा रहा है कि दीक्षांत समारोह के परिसर से बाहर आयोजित किए जाने पर भी छात्रों में खासी नाराजगी है। जिसके विरोध में छात्र यूनिवर्सिटी से लेकर वसंत कुंज स्थिति कार्यक्रम स्थल तक मार्च निकाल रहे हैं और दिल्ली पुलिस इनपर कड़ी नजर रख रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वसंत कुंज स्थित ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के सभागार में आयोजित हो रहे जेएनयू के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू मुख्य अतिथि के तौर पर पहुँचे हैं। जहाँ उनके साथ मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित हैं। इसलिए आंदोलन कर रहे छात्रों को पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर रोका है, जिस कारण नेल्सन मंडेला मार्ग पर भारी जाम लगने की खबर है। हालाँकि पुलिस इन छात्रों से शांति बनाए रखने का अनुरोध कर रही है, लेकिन उनपर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। मजबूरन पुलिस को कुछ छात्रों को पकड़कर गाड़ी में बंद करना पड़ रहा है।

बता दें कि इस आंदोलन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, आईसा, एआईएसएफ और एसएफआई सभी छात्र संगठन हिस्सा ले रहे हैं। जिनका कहना है कि वह दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम स्थल के पास ही प्रदर्शन करेंगे।

नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार एक आंदोलनकारी छात्र ने बताया कि वह बीते 15 दिन से फीस में हुई वृद्धि का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि यूनिवर्सिटी में कम से कम 40 फीसद छात्र ऐसे हैं जो गरीब परिवारों से आते हैं, वो फीस वृद्धि के कारण अपनी पढ़ाई कैसे जारी रख पाएँगे ।

उनका कहना है कि बिना सस्ती एजुकेशन के उन्हें दीक्षांत समारोह मंजूर नहीं है। हॉस्टल फीस बढोतरी का मामला यूनिवर्सिटी में काफी आगे जा चुका है और अब तक इसका कोई हल नहीं निकला है।

यहाँ फीस वृद्धि के अलावा छात्रों की माँग है कि हॉस्टल में किसी छात्र से सर्विस चार्ज नहीं लिया जाए, हॉस्टल में आने-जाने के लिए समय सीमा को खत्म किया जाए, हॉस्टल में ड्रेस कोड नहीं लागू किया जाए, साथ ही नए हॉस्टल मैन्यू पूरी तरह रद्द किया जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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