Homeदेश-समाज'सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने का माध्यम: ओवैसी अगर बोल दें तो Z प्लस...

‘सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने का माध्यम: ओवैसी अगर बोल दें तो Z प्लस सिक्योरिटी की जरूरत पड़ जाएगी’

सुब्रमण्यम स्वामी ओवैसी को चुनौती देते हुए पूछते हैं, "क्या वो कह सकते हैं कि 'सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने का माध्यम हैं' और, फिर खुद इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि ओवैसी अगर यह बोल देंगे तो उन्हें Z प्लस सिक्योरिटी देने की जरूरत पड़ जाएगी।"

दिल्ली के ‘अर्थ कल्चरल फेस्ट’ ने भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी और एआईएमआईएम चीफ ओवैसी के बीच “क्या भारत के संवैधानिक मूल्य सच में खतरे में हैं?” विषय पर एक बहस का आयोजन किया था जिसके मॉडरेटर जे. साई दीपक थे।

इस रोचक बहस में एक जगह सुब्रमण्यम स्वामी ओवैसी को चुनौती देते हुए पूछते हैं, “क्या वो कह सकते हैं कि ‘सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने का माध्यम हैं’ और, फिर खुद इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि ओवैसी अगर यह बोल देंगे तो उन्हें Z प्लस सिक्योरिटी देने की जरूरत पड़ जाएगी।”

सुब्रमण्यम स्वामी ईसाइयत, इस्लाम और हिन्दू धर्म के बीच का फर्क बताते हुए कहते हैं, “हिन्दू धर्म जहाँ प्रत्येक मार्ग से ईश्वर की प्राप्ति सम्भव बताता है, वहीं ईसाइयत और इस्लाम दूसरे धर्मों को कमतर और शैतान का रास्ता करार देते हैं।”

पंथनिरपेक्षता के सवाल पर अपनी बात रखते हुए स्वामी कहते हैं, “या तो आप कहेंगे कि आप सभी धर्मों के प्रति सहिष्णु हैं लेकिन आप का धर्म सबसे श्रेष्ठ है, या आप हिन्दुओं की तरह कहेंगे कि ‘सभी धर्म ईश्वर तक जाते हैं’, इस्लाम ऐसा नहीं मानता कि सभी धर्मों के सहारे इंसान ईश्वर तक पहुँच सकता है और न ही ऐसा ईसाइयत मानती है।”

“यह राजनैतिक बयान है या धर्मशास्त्र से जुड़ा?” मॉडरेटर दीपक के इस सवाल पर सुब्रमण्यम स्वामी ने जवाब दिया कि यह बयान धर्मशास्त्र से संबंधित है।

सुब्रमण्यम स्वामी एकेश्वरवादी धर्मों के उस अभिन्न पहलू पर अपनी बात रख रहे थे जहाँ एक ईश्वर की मान्यता है और अन्य को कमतर माना जाता है जो महज शैतान प्रेरित शक्ति है जिसका काम इंसान को सच्चे ईश्वर से दूर ले जाना है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -