Homeदेश-समाजसुनंदा की मानसिक स्थिति कैसी थी, यह उनके ट्विटर एकाउंट के पता चलेगा: थरूर...

सुनंदा की मानसिक स्थिति कैसी थी, यह उनके ट्विटर एकाउंट के पता चलेगा: थरूर ने कोर्ट से लगाई गुहार

"मृतक के ट्विटर हैंडल को जाँचना ज़रूरी है, जब हम उनकी मानसिक स्थिति की जाँच कर रहे हैं। मैं सिर्फ यह कह रहा हूँ कि उन्हें दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए जोकि मेरे पक्ष में हैं।"

कॉन्ग्रेस नेता और थिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर इन दिनों एक बार फिर सुनंदा पुष्कर केस को लेकर सुर्ख़ियों में हैं। दरअसल थरूर ने मंगलवार को विशेष अदालत से एक अपील की है। अपनी अपील में उन्होंने कहा है कि कोर्ट दिल्ली पुलिस को इस बात का निर्देश दे कि वह उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर द्वारा किए गए ट्वीट को रिकॉर्ड के रूप में ले। इस मामले को लेकर थरूर का कहना है कि मौत से पहले सुनंदा की मानसिक स्थिति कैसी थी, यह जाँचने के लिए उनका ट्विटर एकाउंट देखना बेहद ज़रूरी है।

अदालत में मामले की सुनवाई कर रहे जज अजय कुमार कुहर के सामने अपना पक्ष रखते हुए थरूर ने कहा कि 2018 तक पुलिस को मौत की वजह मालूम ही नहीं थी।

बहस के दौरान थरूर का बचाव कर रहे वकील विकास पाहवा ने कहा, “मृतक के ट्विटर हैंडल को जाँचना ज़रूरी है, जब हम उनकी मानसिक स्थिति की जाँच कर रहे हैं।” बता दें कि जनवरी 2014 में सुनन्दा पुष्कर की रहस्यमयी परिस्थितियों में दिल्ली स्थित लीला होटल में मौत हो गई थी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक पाहवा ने अदालत में थरूर की ओर से दलील रखते हुए कहा कि 30 जनवरी को 2014 को मृतक के तीन ब्लैकबेरी फोन जब्त किए गए थे। इसके बाद उन्हें सीएफएसएल को भेजा गया मगर डेटा वही चुना, जिसका वह इस्तेमाल करना चाहते थे। वहीं अपनी दलील में उन्होंने आगे कहा कि सुनंदा की ट्विटर टाइमलाइन उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाने के लिए काफी है।

थरूर बोले कि पुलिस कैसे कह सकती है कि यह अप्रासंगिक है। अपनी बात रखते हुए थरूर ने आगे कहा, “मैं सिर्फ यह कह रहा हूँ कि उन्हें दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए जोकि मेरे पक्ष में हैं।” बता दें कि थरूर के आवेदन पर इस पर फैसला 12 दिसम्बर को आएगा।

दरअसल पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर इस मामले में मुख्य आरोपी हैं और इस वक़्त बेल पर बाहर हैं। दिल्ली पुलिस ने उन पर भारतीय दंड संहिता 498A और 306 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने थरूर पर आरोप लगाया है कि उनके उकसाने के चलते ही सुनंदा पुष्कर ने आत्महत्या की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -