Thursday, May 30, 2024
Homeदेश-समाजहज और उमराह के लिए GST से नहीं मिलेगी छूट, सुप्रीम कोर्ट ने टूर...

हज और उमराह के लिए GST से नहीं मिलेगी छूट, सुप्रीम कोर्ट ने टूर ऑपरेटरों की याचिका खारिज की

इन प्राइवेट कंपनियों की दलील दी थी कि जिस तरह हज कमेटी के जरिए हज पर जाने वालों को कोई सर्विस टैक्स नहीं देना पड़ता, उसी तरह निजी ऑपरेटर के माध्यम से हज यात्रा को भी GST से मुक्त रखना चाहिए।

हज और उमराह के लिए सऊदी अरब जाने पर जीएसटी में छूट की माँग वाली विभिन्न निजी टूर ऑपरेटरों की याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस एएम खानविलकर, एएस ओका और सीटी रविकुमार की बेंच ने यह फैसला दिया।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस ओका ने कहा, “हमने छूट और भेदभाव दोनों के आधार पर याचिकाओं को खारिज कर दिया है।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में टूर ऑपरेटरों ने जीएसटी को भेदभावपूर्ण बताते हुए छूट देने की माँग की थी। इन प्राइवेट कंपनियों की दलील दी थी कि जिस तरह हज कमेटी के जरिए हज पर जाने वालों को कोई सर्विस टैक्स नहीं देना पड़ता, उसी तरह निजी ऑपरेटर के माध्यम से हज यात्रा को भी GST से मुक्त रखना चाहिए। ये तर्क देते हुए कहा गया था कि हाजियों को दी जाने वाली सेवाएँ जैसे विमान यात्रा, आवास आदि मजहबी गतिविधियों के लिए छूट दी जानी चाहिए। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद अब जीएसटी में छूट देने की माँग खारिज कर दी है।

बता दें कि तीर्थयात्रियों की हवाई यात्रा पर 5% जीएसटी (इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ) लागू होता है। ये ऐसे यात्रियों पर लगता है जो केंद्र द्वारा दी गई हज या उमराह जैसी मजहबी यात्राओं के लिए प्राइवेट या चार्टर संचालन की सेवाओं का उपयोग करते हैं। हालाँकि, यदि किसी मज़हबी तीर्थयात्रा के संबंध में किसी निर्दिष्ट संगठन की सेवाओं को विदेश मंत्रालय द्वारा द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत सुविधा या छूट प्रदान की जाती है, तो यह दर शून्य होगी।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भारत के बाहर अतिरिक्त क्षेत्रीय गतिविधियों पर जीएसटी लगाए जाने का मामला अभी चालू रखा है क्योंकि यह दूसरी बेंच के सामने विचाराधीन है। इसमें तर्क ये था कि भारत के बाहर उपभोग की जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगाया जा सकता। उनका तर्क था कि पंजीकृत निजी टूर ऑपरेटरों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं का यात्री इस आधार पर लाभ उठाते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार अतिरिक्त क्षेत्रीय गतिविधियों पर कोई कर कानून लागू नहीं हो सकता।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

200+ रैली और रोडशो, 80 इंटरव्यू… 74 की उम्र में भी देश भर में अंत तक पिच पर टिके रहे PM नरेंद्र मोदी, आधे...

चुनाव प्रचार अभियान की अगुवाई की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। पूरे चुनाव में वो देश भर की यात्रा करते रहे, जनसभाओं को संबोधित करते रहे।

जहाँ माता कन्याकुमारी के ‘श्रीपाद’, 3 सागरों का होता है मिलन… वहाँ भारत माता के 2 ‘नरेंद्र’ का राष्ट्रीय चिंतन, विकसित भारत की हुंकार

स्वामी विवेकानंद का संन्यासी जीवन से पूर्व का नाम भी नरेंद्र था और भारत के प्रधानमंत्री भी नरेंद्र हैं। जगह भी वही है, शिला भी वही है और चिंतन का विषय भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -