Sunday, August 1, 2021
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मुंबई पुलिस ने सुशांत के परिजनों पर बनाया था दबाव, CM नीतीश की सहमति के बाद पिता ने दर्ज कराई FIR

"मुंबई पुलिस FIR करने में आनाकानी कर रही थी और परिवार पर दबाव बना रही थी कि वो केवल बड़े प्रोडक्शन हाउसेज का ही नाम लें। सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या का पूरा मामला बांद्रा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है, ऐसे में पटना में FIR 'खास परिस्थितियों' की उपज है।"

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में उनके पिता द्वारा पटना में दर्ज कराई गई एक एफआईआर (FIR) में उनकी गर्लफ्रेंड रही रिया चक्रवर्ती पर लगे आरोपों की जाँच के लिए बिहार पुलिस की टीम मुंबई पहुँची है। कृष्ण कुमार सिंह (सुशांत सिंह राजपूत के पिताजी) ने ये एफआईआर राजीव नगर थाने में दर्ज कराई है। अब एक नई बात सामने आई है कि बिहार में मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में एफआईआर (FIR) संभव हो पाया है।

‘न्यूज 18’ ने अपनी ‘इनसाइड रिपोर्ट’ में सूत्रों के हवाले से बताया है कि एफआईआर (FIR) दर्ज कराए जाने से पहले सुशांत सिंह राजपूत का परिवार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संपर्क में था। परिजनों ने नीतीश के समक्ष कुछ स्पष्ट सबूत रखे थे, जिसके बाद उन्हें सीएमओ की तरफ से इस मामले में कानूनी रूप से आगे बढ़ने की हरी झंडी के साथ-साथ सहयोग का भी आश्वासन मिला। नीतीश ने पूरे मामले की गहराई को समझते हुए एफआईआर (FIR) के लिए सहमति दी।

पटना पुलिस की 4 सदस्यीय टीम का मुंबई पहुँचना और एसएसपी द्वारा इस मामले की निगरानी करने जैसी खबरों से स्पष्ट है कि बिहार सरकार इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की ओर अग्रसर है। बिहार में चुनाव भी आने वाले हैं, ऐसे में सरकार अपनी ओर से कोई नाकामी नहीं दिखाना चाहेगी। इसीलिए, एफआईआर (FIR) दर्ज होते ही पटना पुलिस मुंबई के लिए रवाना हो गई और जाँच तेजी से चल पड़ी।

हालाँकि, सारे वित्तीय लेनदेन मुंबई में हुए हैं और सभी आरोपित भी मुंबई के ही निवासी हैं, ऐसे में बहुत कुछ इस पर निर्भर करेगा कि बिहार पुलिस और मुंबई पुलिस के बीच का समन्वय कैसा है। जहाँ बिहार में जदयू-भाजपा की सरकार है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस की सरकार है। दोनों राज्यों के सत्ताधारी दल राजनीतिक रूप से अलग-अलग छोर पर खड़े हैं।

FIR रविवार (जुलाई 26, 2020) को दर्ज कर ली गई थी लेकिन मंगलवार को पुलिस जाँच के लिए निकली, उसके बाद ही मीडिया को ये ख़बर हाथ लगी। सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या का पूरा मामला बांद्रा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है, ऐसे में बिहार की राजधानी पटना में एफआईआर (FIR) दर्ज कराए जाने के फैसले को ‘खास परिस्थितियों’ की उपज बताया जा रहा है। सुशांत सिंह राजपूत के पिता 74 वर्ष के हैं, ऐसे में उनका कहना है कि वो ज्यादा भागदौड़ भी नहीं कर सकते।

उधर सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील ने कहा है कि मुंबई पुलिस एफआईआर (FIR) दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी और परिवार पर दबाव बना रही थी कि वो केवल बड़े प्रोडक्शन हाउसेज का ही नाम लें। विकास सिंह ने कहा कि परिजन शॉक में थे क्योंकि मुंबई पुलिस एफआईआर (FIR) दर्ज करने में विफल रही थी। बिहार में लोजपा के चिराग पासवान, राजद के तेजस्वी यादव और भाजपा के मनोज तिवारी ने इस मामले में सीबीआई जाँच की माँग की है।

बता दें कि इस मामले में रिया चक्रवर्ती के अलावा इंद्रजीत चक्रवर्ती, संध्या चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरिंडा, श्रुति मोदी और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, बेइमानी, बंधक बनाकर रखने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित कई आरोप लगाए गए हैं। वकील का कहना है कि उन्हें बिहार पुलिस पर भरोसा है लेकिन अभी तक परिवार ने सीबीआई जाँच की माँग नहीं की है। उन्होंने नीतीश कुमार पर आस्था जताई।

सुशांत के पिता ने FIR में 7 सवाल किए हैं, जिनमें से एक में उन्होंने उन सभी डॉक्टर्स पर भी संदेह व्यक्त किया है, जो-जो उनके बेटे सुशांत का इलाज कर रहे थे। सुशांत के पिता ने आरोप लगाया कि अगर उनके बेटे की मानसिक हालत ठीक नहीं चल रही थी तो उसके परिवार वालों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? जबकि इसकी पहली सूचना परिवार को मिलनी चाहिए थी। FIR में कहा गया है कि सुशांत के करोड़ों रुपए पर भी रिया की नजर थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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