Wednesday, June 19, 2024
Homeदेश-समाजतबलीगी जमात ने पर्यटक वीजा पर मज़हबी काम के लिए भारत में प्रवेश कर...

तबलीगी जमात ने पर्यटक वीजा पर मज़हबी काम के लिए भारत में प्रवेश कर सिस्टम को दिया धोखा: गृह मंत्रालय के हलफनामें में कई खुलासे

गृह मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दी गई प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि तबलीगी जमात के सदस्यों ने अपने भारत आने के कारणों की गलत जानकारी दी। पर्यटक वीजा के तहत, भारत में विशिष्ट उद्देश्य के लिए केवल स्थानों पर घूम सकते हैं, मगर तबलीगी जमात जैसे किसी भी मज़हबी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकते हैं।

तबलीगी जमात के 10 सदस्यों ने कोरोनो वायरस महामारी के बाद उनके वीजा को रद्द करने पर मोदी सरकार के कदम को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। 34 विभिन्न देशों के 34 व्यक्तियों ने गृह मंत्रालय के 2,500 विदेशी नागरिकों को भारत में ब्लैक लिस्ट करने के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें तबलीगी जमात की गतिविधियों में उनकी कथित संलिप्तता के लिए भारत में यात्रा करने से 10 वर्ष की अवधि के लिए रोक लगाई गई थी।

मौलाना आला हद्रमी एक फ्रांसीसी नागरिक है, जिसने सुप्रीम कोर्ट में आदेश को चुनौती दी है। अब, मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब गृह मंत्रालय ने दिया था।

फ्रांसीसी याचिकाकर्ता ने गृह मंत्रालय को चुनौती देने के लिए भारतीय संविधान का जिक्र किया था। हैदरी ने अपनी याचिका में कहा कि लगभग 40 अलग-अलग देशों के 2500 से अधिक विदेशियों को प्रथम दृष्ट्या खुद को बचाने का कोई अवसर दिए बिना कथित रूप से भारत में ब्लैक लिस्टेड करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का ज़बरदस्त उल्लंघन है।

याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से लगभग 3,500 विदेशी नागरिकों को ब्लैकलिस्ट करने के गृह मंत्रालय के आदेशों को अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए रद्द करने का आग्रह किया है। उन्होंने अदालत से अपने देशों में वापस जाने की अनुमति माँगी है।

सोमवार को ए एम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की पीठ ने यह जानने की कोशिश की कि क्या वीजा रद्द करने और उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के सामान्य दिशानिर्देश हैं या प्रत्येक व्यक्तिगत मामले में आदेश पारित किया गया था।

अदालत ने केंद्र सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि अगर उनके वीजा को रद्द कर दिया गया तो इन विदेशियों को वापस क्यों नहीं भेजा गया। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने तब्लीगी जमात के सदस्यों के वीजा को रद्द करने और उनकी वापसी से संबंधित कई बिंदुओं को स्पष्ट किया है।

सबसे पहले, सरकार ने कहा है कि विदेशी भारतीय वीजा प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं, साथ ही इन परिस्थितियों में उन्हें अनुच्छेद 21 का हवाला देने का कोई अधिकार नहीं है।

तब्लीगी जमात मामले में एमएचए की प्रतिक्रिया

गृह मंत्रालय ने कहा कि एक विदेशी को भारतीय वीजा प्राप्त करने या रद्द किए गए वीजा पर यहाँ रहने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। वीजा प्रदान करना एक लागू करने योग्य अधिकार नहीं है। गृह मंत्रालय का यह भी कहना है कि याचिकाकर्ता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकार का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि यह कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अधीन है और इस प्रकार यह याचिका बनाए रखने योग्य नहीं है।

गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होता है कि वीजा मैनुअल में, विशिष्ट प्रावधानों का हवाला दिया गया है जो 2003 से 2019 तक “तबलीगी जमात के काम” को नियंत्रित करता है। गृह मंत्रालय के बयान में वीज़ा मैनुअल के नियमों का हवाला दिया गया था कि यदि कोई विदेशी तबलीगी काम के लिए भारत का दौरा करता है, तो उसका उल्लेख करना जरूरी है।

तब्लीगी जमात मामले में एमएचए की प्रतिक्रिया
तब्लीगी जमात मामले में एमएचए की प्रतिक्रिया

गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, तबलीगी जमात के सदस्य पर्यटक वीजा पर भारत में आए थे और उन्होंने तबलीगी जमात में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रवेश के लिए निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन किया।

तब्लीगी जमात मामले में एमएचए की प्रतिक्रिया

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि टूरिस्ट वीज़ा पर तबलीगी जमात की गतिविधियों में भाग लेना, वीज़ा मैनुअल 2019 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन है और यह धारा 13 और 14 या विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत अपराध है। इसको देखते हुए आव्रजन ब्यूरो को 02.04.2020 को इन विदेशियों को श्रेणी ए के तहत भविष्य में भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट करने को निर्देशित किया गया था।

ध्यान रहे कि द हिंदू के अनुसार, इस मामले के बाद गृह मंत्रालय ने तबलीगी जमात की गतिविधियों में लिप्त होने को एक विशिष्ट वीज़ा उल्लंघन के रूप में शामिल किया, जिसमें $500 के जुर्माने का प्रावधान रखा गया। इसमें एक नई श्रेणी जोड़ दी गई है, जिसमें भारतीय वीजा से संबंधित सामान्य दिशानिर्देशों में तबलीगी जमात में शामिल होने को प्रतिबंधित गतिविधियों में रखा गया है।

संशोधित दिशानिर्देश में कथित तौर पर, “भारत के किसी भी प्रकार के वीजा पर विदेशी नागरिकों और प्रवासी नागरिक (ओसीआई) कार्डधारकों को तबलीगी जमात में खुद को शामिल करने की अनुमति नहीं दी है। धार्मिक स्थानों पर जाने और धार्मिक प्रवचनों में शामिल होने जैसी सामान्य धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हालाँकि, धार्मिक विचारधाराओं का प्रचार करना, धार्मिक स्थानों पर भाषण देना, ऑडियो या दृश्य प्रदर्शन / धार्मिक विचारों से संबंधित पैम्फलेट का वितरण, धर्मांतरण फैलाना आदि की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

गृह मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दी गई प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि तबलीगी जमात के सदस्यों ने अपने भारत आने के कारणों की गलत जानकारी दी। पर्यटक वीजा के तहत, भारत में विशिष्ट उद्देश्य के लिए केवल स्थानों पर घूम सकते हैं, मगर तबलीगी जमात जैसे किसी भी मज़हबी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकते हैं।

इसलिए, तबलीगी जमात के सदस्यों ने टूरिस्ट वीजा पर भारत का दौरा किया और आवश्यक जानकारी देने से बचने के लिए सिस्टम को धोखा देकर मज़हबी गतिविधियों में शामिल हुए।

गृह मंत्रालय द्वारा दी गई प्रतिक्रिया में आगे निम्नलिखित जानकारी दी गई:

  1. 979 ओसीआई कार्ड धारकों समेत 2679 विदेशियों के वीजा को मामले के आधार पर अब तक रद्द कर दिया गया है।
  2. तबलीगी जमात के किसी भी सदस्य को अब तक नहीं वापस नहीं भेजा गया है क्योंकि उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चल रही है।
  3. लुकआउट नोटिस जारी करने और उनकी ब्लैकलिस्टिंग से पहले, भारत में 227 विदेशी तबलीगी सदस्य शेष थे।

जब से तबलीगी जमात के कारनामों का भंडाफोड़ किया गया है तब से उन्होंने इस देश के कानूनों के खिलाफ जिहाद शुरू कर दिया है। इसके सदस्यों ने नर्सों का उत्पीड़न किया, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए मुश्किल खड़ी की और आपदा के समय भी प्रशासन का सहयोग करने से इनकार कर दिया।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -