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अयोध्या फैसले के खिलाफ मार्च करने वाले इस्लामी संगठन ने नहीं माना HC का आदेश, कोरोना के खतरे के बीच प्रदर्शन

इससे पहले तमिलनाडु के तौहीद जमात ग्रुप ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी विरोध किया था और मार्च निकाला था। इस दौरान करीब 2000 से ज्यादा लोग चेन्नई की सड़कों पर बैनर लेकर उतरे थे और उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के ख़िलाफ़ नारे लगाए थे।

तमिलनाडु में कोरोना को लेकर हाइकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ इस्लामिक संगठन तौहिद जमात ने सीएए-एनआरसी-एनपीआर के ख़िलाफ़ अपना प्रदर्शन जारी रखा। ये प्रदर्शन चेन्नई में मद्रास हाइकोर्ट के पास हुआ।

यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि एक ओर जहाँ कोरोना वायरस के चलते देशभर में ज्यादा संख्या में लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर रोक लगाई जा रही है। प्रशासन इसे लेकर निर्देश लागू कर रहे हैं। बावजूद चेन्नई में सीएए प्रदर्शन में भारी संख्या में लोग पहुँचे। 

गौरतलब है कि इससे पहले तमिलनाडु के तौहीद जमात ग्रुप ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी विरोध किया था और मार्च निकाला था। इस दौरान करीब 2000 से ज्यादा लोग चेन्नई की सड़कों पर बैनर लेकर उतरे थे और उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के ख़िलाफ़ नारे लगाए थे।

इस बार भी इस संगठन की मनमानी देखकर लग रहा है कि जनस्वास्थ्य सुरक्षा से उसके कोई वास्ता नहीं है। अभी कल शाहीन बाग में महिला प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना खत्म करने से मना कर दिया था। हालाँकि अगले दिन से प्रदर्शनस्थल खाली दिखने लगा। मगर, जानकारी के मुताबिक वहाँ बैठी महिलाओं ने इसे न गंभीरता से लिया था और न ही इस पर कोई जवाब देना उचित समझा था।

बता दें, भारतीय प्रशासन एक ओर जहाँ इस घातक वायरस को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को जाने से रोक रही है। वहीं शाहीन बाग जैसे प्रदर्शनस्थल और तौहीद जमात जैसे इस्लामिक संगठन इसे बढ़ावा देने के लिए निर्देशों की गैरफरमानी करते देखे जा रहे हैं और ऐसी बेफिक्री का क्या नतीजा होता है, हम इटली और स्पेन में देख सकते हैं। जहाँ कोरोना के कारण हजारों लोग संक्रमित हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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