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जलकर राख हुआ श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का प्राचीन रथ, साजिश के आरोपों को राज्य सरकार ने नकारा

आरोप लगाया गया कि रथ को जलाने के पीछे एक गहरी साजिश थी। हिंदू कार्यकर्ताओं ने घेराव भी किया। बीजेपी आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष ने कहा - "जबसे वाईएस जगन मोहन रेड्डी सत्ता में आए हैं, तब से विभिन्न मंदिरों पर हमले हुए हैं, जिससे हिंदुओं में बहुत नाराजगी है।"

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के अंटारवेडी में प्रसिद्ध श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के परिसर में रविवार (सितम्बर 06, 2020) सुबह 62 साल पुराने प्राचीन रथ के जलने से राज्य भर में अशांति फैल गई। भाजपा नेताओं ने इसे साजिश बताया है जबकि राज्य सरकार का कहना है कि इसका राजनीतिकरण किया जा रहा है।

अंटवेदवी आंध्र प्रदेश में सबसे प्रतिष्ठित वैष्णव धार्मिक केंद्रों में से एक है। त्यौहारों के मौसम में भगवान की शोभायात्रा के दौरान सागौन के बने रथ को इस्तेमाल किया जाता था। गत रविवार की सुबह लोगों ने उसे जलकर राख होते देखा। रथ के पास स्थापित क्लोज-सर्किट टेलीविज़न (सीसीटीवी) कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे जिस कारण लोगों में इस रथ के जलने के कारणों को लेकर जिज्ञासा थी ।

पुलिस के अनुसार, अंटारवेडी गाँव में श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के रथ में लगभग एक बजे आग लग गई थी और सुबह 3 बजे तक आग बुझा दी गई। सखीनीपेटल्ली के उप-निरीक्षक गोपालकृष्ण ने बताया, “इस घटना में किसी अन्य संपत्ति और ना ही किसी व्यक्ति को कोई नुकसान पहुँचा है क्योंकि रथ का शेड मंदिर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर था।” पुलिस फिलहाल आग के कारणों का पता लगाने में लगी है।

मंगलवार को, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हनदवा सक्थि, हिंदू चैतन्य वेदिका और धर्मवीर आद्यात्मिक वेदिका, आदि सहित विभिन्न हिंदू समूहों से संबंधित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गोदावरी नदी के संगम पर स्थित मंदिर में एकत्रित हुए।

वहाँ इकट्ठी भीड़ ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए इन कार्यकर्ताओं ने ऐसी घटनाओं पर रोकने की माँग करते हुए प्रदर्शन भी किया। कार्यकर्ताओं ने मंदिर की घेराबंदी की माँग करते हुए कहा कि सरकार कुछ उपद्रवियों द्वारा कथित रूप से रथ को जलाने की न्यायिक जाँच का आदेश दे।

आरोप लगाया गया कि रथ को जलाने के पीछे एक गहरी साजिश थी। हिंदू कार्यकर्ताओं ने घेराव का समर्थन भी किया और उस जगह का निरीक्षण कर रहे थे, जहाँ रथ जला था। इन मंत्रियों को पुलिस ने खदेड़ दिया।

बीजेपी आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष सोमू वीरराजू ने कहा कि अंटारवेडी की घटना ने हिंदुओं की भावनाओं को बुरी तरह आहत किया है। उन्होंने कहा, “जबसे वाईएस जगन मोहन रेड्डी सत्ता में आए हैं, तब से विभिन्न मंदिरों पर हमले हुए हैं, जिससे हिंदुओं में बहुत नाराजगी है।”

आंध्र सरकार ने कहा- घटना का राजनीतिकरण न किया जाए

आंध्र प्रदेश के राज्य मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास ने बुधवार (सितम्बर 09, 2020) को स्पष्ट किया कि अंटारवेडी में लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में आग की दुर्घटना से संबंधित जाँच जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया, लेकिन विपक्षी दल इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।

मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास ने नए रथम के लिए 95 लाख रुपए भी मंजूर किए, जो फरवरी में रथोत्सव के लिए तैयार होगा। उन्होंने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए विपक्षी नेताओं चंद्रबाबू नायडू, बीजेपी के सोमू वीरजू और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण की भी निंदा की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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