Homeदेश-समाजसपा नेता इसरार अहमद पर योगी सरकार का शिकंजा, 35 लाख की संपत्ति कुर्क:...

सपा नेता इसरार अहमद पर योगी सरकार का शिकंजा, 35 लाख की संपत्ति कुर्क: TET परीक्षा के फरार नकल माफियाओं पर हुआ एक्शन

आजमगढ़ जनपद के रानी की सराय थाने की पुलिस ने शनिवार को सपा नेता व पूर्व ब्लाक प्रमुख इसरार अहमद के घर पहुंचकर 35 लाख रुपए की चल संपत्ति कुर्क की।

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में नकल कराने वाले गैंग के फरार मेंबरों पर योगी सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में खुलासे के बाद पहले तो यूपी पुलिस ने सपा नेता इसरार अहमद सहित चारो फरार आरोपितों पर 10-10 हजार का इनाम घोेषित किया था। वहीं इसके बाद भी जब आरोपितों ने सरेंडर नहीं किया तो अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी ,

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आजमगढ़ जनपद के रानी की सराय थाने की पुलिस ने शनिवार को सपा नेता व पूर्व ब्लाक प्रमुख इसरार अहमद के घर पहुंचकर 35 लाख रुपए की चल संपत्ति कुर्क की। वहीं अब इस मामले में बाकि फरार आरोपितों पर भी कुर्की की तलवार लटक रही है।

बता दें कि इस मामले की विवेचना सीओ लालगंज मनोज रघुवंशी कर रहे थे। जाँच के दौरान इस मामले में सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख इसरार अहमद सहित आठ लोगों का नाम सामने आया था। जिसमें से पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन इसरार सहित चार आरोपित फरार बताए जा रहे थे। पुलिस ने पिछले दिनों चारो फरार आरोपितों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लेकिन इसके बाद भी आरोपित कोर्ट में सरेंडर नहीं किए तो पुलिस ने धारा 82 के तहत इनके घर नोटिस चस्पा किया। जिस पर अब एक्शन शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि जनवरी, 2022 में माह में हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा में नक़ल कराने का खुलासा पुलिस ने किया था। इस मामले में पुलिस ने लगभग 51 लाख रुपए के चेक व कैश की बरामदगी दिखाने के साथ ही 22 लोगों को गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के अनुसार, नकल माफियाओं के गैंग में डीआईओएस कार्यालय के एक लिपिक की भी संलिप्तता सामने आई थी। इस मामले में डीआईओएस के खिलाफ भी शासन स्तर पर कार्रवाई की गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -