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‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद राज्य पुलिस ने भेजा मेकर्स को नोटिस, डायरेक्टर बोले- मैं बंगाल गया तो वापस नहीं आ पाऊँगा

उन्होंने कहा, "मैं एक बार पश्चिम बंगाल गया तो वापस नहीं आऊँगा। मैं झूठे केस में फँसाया जा रहा हूँ। उन्होंने मुझे ऐसी धाराओं में फँसाया है जैसे मैं कोई अपराधी या फिर आतंकी हूँ। हालाँकि, मैंने फिल्म के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं, जो अगस्त तक रिलीज होगी। उन्होंने कहा, "मैं देखूंगा कि फिल्म रिलीज हो।"

‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ का ट्रेलर रिलीज के बाद डायरेक्टर सनोज मिश्रा को कोलकाता पुलिस ने समन भेजा है। उनका कहना है कि इस फिल्म से प्रदेश सीएम की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। इस समन में पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए 30 मई तक पेश होने के लिए कहा है।

इस संबंध में एक शिकायत एमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में 11 मई 2023 को शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद सनोज मिश्रा को सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत लीगल नोटिस भेजा गया। वहीं केस को आईपीसी की 120बी, 153ए, 501, 504, 505, 295ए, आईटी एक्ट की 66डी/88बी और सिनेमेटोग्राफी एक्ट की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है।

नोटिस में डायरेक्टर सनोज मिश्रा को कहा गया है कि 30 मई से पहले थाने के एडिशनल ऑफिसर इंचार्ज को मिलना होगा। डायरेक्टर ने इस लीगल नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये फिल्म तथ्य आधारित है। उन्होंने यह चिंता भी जाहिर की कि हो सकता है कि बंगाल पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले और गिरफ्तार करके जेल में ही मार डाले। लेकिन वो बता देना चाहते हैं कि उनकी मंशा राज्य की छवि पर दाग लगाने की नहीं है।

वह बोले, “मैंने तथ्य आधारित फिल्म बनाई है। मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस मामले पर संज्ञान लेने को कहता हूँ। पश्चिम बंगाल में हत्याएँ, रेप और हिंदुओं के पलायन के मामले बढ़ रहे हैं। मैंने पूरी रिसर्च की है। पूरी फिल्म तथ्यों पर हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं एक बार पश्चिम बंगाल गया तो वापस नहीं आऊँगा। मैं झूठे केस में फँसाया जा रहा हूँ। उन्होंने मुझे ऐसी धाराओं में फँसाया है जैसे मैं कोई अपराधी या फिर आतंकी हूँ। हालाँकि, मैंने फिल्म के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं, जो अगस्त तक रिलीज होगी। उन्होंने कहा, “मुझे देखना होगा कि ये फिल्म रिलीज हो।”

बता दें कि द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल फिल्म में रोहिंग्या मुस्लिमों और बांग्लादेशी कट्टरपंथियों का बंगाल में बढ़ता प्रभाव दिखाया गया है। फिल्म के ट्रेलर के बाद शिकायत इसलिए आई है क्योंकि इसमें दिखाया गया था कि ये अवैध घुसपैठ को राज्य सरकार का साथ है। इस ट्रेलर में 2013 की उस घटना का भी जिक्र है जब 200 हिंदुओं के घरों को जला दिया गया था। इसके अलावा ये भी दिखाया गया कि कैसे ममता बनर्जी राज्य में सीएए और एनआरसी लागू करने के खिलाफ हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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