TMC कार्यकर्ता ने कहा ‘जय श्री राम’ तो साथी ने ही की पिटाई, बंगाल पुलिस द्वारा कोई गिरफ्तारी नहीं

पुलिस थाने में इस बाबत मामला दर्ज कर लिया गया है लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं की गई है। हद तो यह है कि इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई बयान भी नहीं आया है।

पश्चिम बंगाल में बौखलाए तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता अब अपने ही साथियों की पिटाई कर रहे हैं। जहाँ इससे पहले भाजपा नेताओं की हत्या और पिटाई की ख़बरें आती थीं, अब ख़बर आई है कि एक तृणमूल कार्यकर्ता की ही जम कर पिटाई की गई। अव्वल तो यह कि उसे पीटने वाला उसका ही साथी था, जो तृणमूल का ही कार्यकर्ता है। ख़बर के अनुसार, नॉर्थ 24 परगना के बसीरहाट में एक तृणमूल कार्यकर्ता की उसके ही पार्टी के नेता ने सिर्फ़ इसीलिए पिटाई कर दी, क्योंकि उसने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया था।

पिटाई के कारण उक्त तृणमूल कार्यकर्ता को गंभीर चोटें आई हैं। एएनआई के अनुसार, पीड़ित की पहचान रंजीत मंडल के रूप में हुई है, वहीं उसे पीटने वाले मुख्य आरोपित का नाम तारक पिरोई है। मंडल ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि वह तृणमूल के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर रहा था, जिसके दौरान उसने ‘जय श्री राम’ कहा। बस इतनी सी बात के लिए परोइ गुस्सा हो गया और उसने गालियाँ बकनी शुरू कर दी। वह इतने पर ही नहीं रुका, उसने मंडल की जम कर पिटाई भी की और उसे घायल कर दिया।

पिटाई के बाद पीड़ित को स्थानीय हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज हुआ। हरवा पुलिस थाना में इस बाबत मामला दर्ज कर लिया गया है लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं की गई है। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई बयान नहीं आया है। बता दें कि राजनीतिक संघर्ष में पश्चिम बंगाल में 80 से भी अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इन आँकड़ों की पुष्टि की है

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव के दौरान हिंसा की वारदातें हुईं। पंचायत चुनाव और लोकसभा चुनाव में तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने ज्यादा गुंडई की क्योंकि इन दोनों ही चुनावों में भाजपा तृणमूल पार्टी के विपक्ष में एक मजबूत विकल्प बन कर उभरी और इससे सत्ताधारी दल को चुनौती मिलने लगी। बंगाल की बदलती राजनीतिक फिजाँ में 18 भाजपा नेता संसद पहुँच गए, जिसके बाद अगले विधानसभा चुनावों पर सबकी नज़र है।

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