मेरठ: मोदी के नारों को लेकर 2 पक्षों में हुई जमकर मारपीट

यह पहला मौक़ा नहीं है जब नारों को लेकर ऐसी आपसी झड़प देखने को मिली हो। कुछ समय पहले मोदी विरोधी नारे लगने के कारण मेरठ के थाना लिसाड़ीगेट क्षेत्र में भी लोग भड़क गए थे और दूसरे पक्ष के साथ मारपीट की नौबत आ गई थी।

शुक्रवार (मई 23, 2019) की सुबह मेरठ के किठौर थानाक्षेत्र में दो पक्षों के युवकों में आपसी झड़प की खबर आई। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक पुलिस ने बताया है कि एक दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारों को लेकर अनुसूचित जाति व गुर्जर समाज के युवकों के बीच कहा-सुनी हुई।

ये घटना गुरुवार शाम की है। हालाँकि, उस समय मामले को शांत करा दिया गया। लेकिन, शुक्रवार को ये बात बढ़ गई और अनुसूचित पक्ष के युवक क्षेत्र के मंदिर पर आए। यहाँ दोबारा ऐसी ही किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

दोनों पक्षों के युवक लाठी-डंडे लेकर एक दूसरे को मारने के लिए खड़े हो गए। थोड़ी ही देर बाद वहाँ मार-पीट शुरू हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौक़े पर आई। दोनों पक्षों को समझाकर मामले को शांत कराया गया। इस घटना को देखने के बाद गाँव में पुलिस तैनात कर दी गई है। खबर के अनुसार सीओ आलोक कुमार सिंह व थाना प्रभारी प्रेमचंद सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

बता दें कि यह पहला मौक़ा नहीं है जब नारों को लेकर ऐसी आपसी झड़प देखने को मिली हो। कुछ समय पहले मोदी विरोधी नारे लगने के कारण मेरठ के थाना लिसाड़ीगेट क्षेत्र में भी लोग भड़क गए थे और दूसरे पक्ष के साथ मारपीट की नौबत आ गई थी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

जेएनयू विरोध प्रदर्शन
छात्रों की संख्या लगभग 8,000 है। कुल ख़र्च 556 करोड़ है। कैलकुलेट करने पर पता चलता है कि जेएनयू हर एक छात्र पर सालाना 6.95 लाख रुपए ख़र्च करता है। क्या इसके कुछ सार्थक परिणाम निकल कर आते हैं? ये जानने के लिए रिसर्च और प्लेसमेंट के आँकड़ों पर गौर कीजिए।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

114,921फैंसलाइक करें
23,424फॉलोवर्सफॉलो करें
122,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: