Wednesday, April 14, 2021
Home देश-समाज उमर खालिद नास्तिकता का ढोंग करता है, वस्तुतः वह कट्टर मुस्लिम है जो भारत...

उमर खालिद नास्तिकता का ढोंग करता है, वस्तुतः वह कट्टर मुस्लिम है जो भारत को तोड़ना चाहता है: दिल्ली पुलिस

"खालिद 2016 में ही एक ऐसे प्लान के साथ था, जिसमें 2020 तक भारत को तोड़ने की योजना थी और जिसकी सारी अवधारणा सिर्फ उम्माह पर आधारित थी। उसने केवल नास्तिक होने का ढोंग किया, वस्तुत: वह कट्टर मुस्लिम है जो भारत को तोड़ना चाहता था।"

दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई चार्जशीट में उमर खालिद को लेकर कहा गया है कि उसने केवल नास्तिक होने का ढोंग किया, वस्तुत: वह कट्टर मुस्लिम है जो भारत को तोड़ना चाहता था। उमर ऐसा मानता था कि हिंसक राजनीतिक इस्लाम (violent political Islam) को फ्रंटल पॉलिटिकल पार्टियों के साथ मिलना चाहिए ताकि भारत को अपने हिस्से में लिया जा सके।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ये दावा खालिद के ख़िलाफ दायर हुई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में किया गया है। इस चार्जशीट में जेएनयू छात्र शरजील इमाम और फैजान खान का भी नाम है। इमाम पर इल्जाम है कि उसने खालिद का साथ दिया और फैजान खान ने उन सिम कार्ड्स को दिलवाने में मदद की, जिसे बाद में जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी और सीएए का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने खालिद पर आरोप लगाया कि उसने साल 2016 में भारत के विचार को एक ऐसे प्लान के साथ स्वीकारा, जिसमें साल 2020 तक भारत को तोड़ने की योजना थी और जिसकी सारी अवधारणा सेकुलर और राष्ट्रीय पहचान के विनाश के साथ सिर्फ उम्माह पर आधारित थी।

यहाँ बता दें कि इमाम और खालिद के वकीलों ने भी इन आरोपों पर अपनी टिप्पणी देने से इंकार कर दिया है। यह चार्जशीट रविवार को अतिरिक्त सत्र के न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत में दायर की गई है।

इसमें यूएपीए एक्ट के तहत तीनों आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इन तीनों को गैर-कानूनी बैठकें, आपराधिक साजिश, हत्या, दंगे भड़काने, धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देने, आदि का आरोपित बनाया गया है। कोर्ट ने इस चार्जशीट पर मंगलवार को संज्ञान लिया।

इस चार्जशीट में बताया गया कि खालिद को मालूम था कि भारतीय मुस्लिम इस्लाम की विकृत परिभाषा से नहीं जुड़ेंगे। लेकिन उसके लिए राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासी ऐसे लोग थे, जिनका इस्तेमाल करना आसान था। 

इस आरोप पत्र में खालिद को ऐसा कन्वर्जेंस बिंदु बताया गया, जिसने पैन-इस्लाम और अल्ट्रा लेफ्ट अनार्किजम को उकसाया, पोषित किया और उसका प्रचार किया।

पुलिस ने कहा कि खालिद के पास दो विचारों की परस्पर मजबूत रेखाएँ हैं। इसमें एक उसे अपने पिता से विरासत में मिली और दूसरी अल्ट्रा लेफ्ट विचारधारा, जिसमें वह योगेंद्र यादव की पसंदों के अनुरूप मिलान करने की कोशिश करता है।

शरजील इमाम- एक साम्प्रदायिक बीज

ऐसे ही शरजील इमाम के ख़िलाफ़ आरोप पत्र में कहा गया है कि शाहीन बाग विरोध स्थल से उसकी वापसी एक क्लासिकल माओवादी रणनीति यानी आंदोलन को बड़े पैमाने पर आधारित रखने और व्यक्तिवाद को प्राप्त करने के बहाने से हुई थी।

पुलिस ने इमाम के लिए कहा कि उसकी गिरफ्तारी के बाद मुख्य षड्यंत्रकारियों ने उसकी रिहाई के लिए बड़े पैमाने पर प्रेस का उपयोग किया और इस साम्प्रदायिक बीज (कम्यूनउल सीड) को लोकतंत्र का फूल बताया। पुलिस ने चार्जशीट में शरजील इमाम के ख़िलाफ़ दायर मुकदमों पर बात करते हुए खुलासा किया कि इमाम ने अपने भाई से कहा था, “हम दोनों हैं मास्टरमाइंड।”

पुलिस के मुताबिक उसकी इसी मजहबी कट्टरता का प्रयोग खालिद द्वारा किया गया। पुलिस ने खालिद पर घोर साम्प्रदायिक होने का इल्जाम लगाया और कहा कि उसके लिए इमाम एक ऐसा चेहरा था, जिसका इस्तेमाल दंगों की साजिश रचने के लिए इस्तेमाल किया जाना था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उदित राज ने कुम्भ पर फैलाया फेक न्यूज, 2013 की तस्वीर को जोड़ा तबलीगी जमात से: लोगों ने दिखाया आइना

“1500 तबलिगी जमात भारत में कोरोना जेहाद कर रहे थे और अब लाखों साधू जुटे कुम्भ में उस जेहाद और कोरोना से निपटने के लिए।”

7000 वाली मस्जिद में सिर्फ 50 लोग नमाज पढ़ेंगे… प्लीज अनुमति दीजिए: बॉम्बे HC का फैसला – ‘नहीं’

"हम किसी भी धर्म के लिए अपवाद नहीं बना सकते, खासकर इस 15-दिन की प्रतिबंध अवधि में। हम इस स्तर पर जोखिम नहीं उठा सकते।"

CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, मनीष सिसोदिया ने कहा-12वीं के छात्र भी प्रमोट हों

कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए सरकार ने CBSE की 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं को इस साल निरस्त कर दिया है, वहीं 12वीं की परीक्षा...

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

‘1 लाख का धर्मांतरण, 50000 गाँव, 25 साल के बराबर चर्च बने’: भारत में कोरोना से खूब फले ईसाई मिशनरी

ईसाई संस्था के CEO डेविड रीव्स का कहना है कि हर चर्च को 10 गाँवों में प्रार्थना आयोजित करने को कहा गया। जैसे-जैसे पाबंदियाँ हटीं, मिशनरी उन क्षेत्रों में सक्रिय होते चले गए।

14 सिम कार्ड, 1 व्हाट्सएप कॉल और मुंबई की बार डांसर… ATS ने कुछ यूँ सुलझाया मनसुख हिरेन की हत्या का मामला

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन मर्डर की गुत्थी सुलझने में एक बार डांसर की अहम भूमिका रही। उसकी वजह से ही सारे तार आपस में जुड़े।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,193FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe