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गुलाबी शहर तीसरी बार UNESCO की विश्व धरोहर सूची में, इस बार चारदीवारी को मिला स्थान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर यूनेस्को के फैसले पर खुशी जताई। इससे पहले जयपुर स्थित आमेर किले और जंतर-मंतर को इस सूची में स्थान मिल चुका है।

गुलाबी शहर के नाम से मशहूर जयपुर की चारदीवारी (परकोटा) को UNESCO (United Nation Educational scientific Cultural Organisation) ने विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है।

शनिवार (जून 06, 2019) को अजरबैजान की राजधानी बाकू में हुई विश्व धरोहर समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर यूनेस्को के फैसले पर खुशी जताई। इससे पहले जयपुर स्थित आमेर किले और जंतर-मंतर को इस सूची में स्थान मिल चुका है।

नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ”जयपुर का संबंध संस्कृति और वीरता से रहा है। उत्साह से भरपूर जयपुर की मेहमाननवाजी लोगों को अपनी ओर खींचती है। खुशी है कि इसे यूनेस्को ने विश्व विरासत स्थल घोषित किया है।” केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ट्वीट कर अपनी ख़ुशी व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा- “हम लोगों के लिए यह बहुत गर्व की बात है। इससे राजस्थान का गौरव और बढ़ेगा।”

दिल्ली स्थित यूनेस्को कार्यालय की ओर से कहा गया है कि जयपुर की शहरी योजना प्राचीन हिन्दू, मुगल और समकालीन पश्चिमी महत्ता को प्रदर्शित करती है। ऐतिहासिक जयपुर शहर की स्थापना 1727 में राजा जयसिंह ने की थी। यह अपनी स्थापत्य कला के कारण पर्यटकों में आकर्षण का केंद्र है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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