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अतीक अहमद के करीबी राशिद, कम्मो और जाबिर के आलीशान बंगलों पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, करोड़ो की संपत्ति खाक

राशिद की अवैध सम्पतियों को गिराने के बाद प्रशासन ने आगे की कार्रवाई करते हुए कम्मो और जाबिर के अवैध को बंगलों को ध्वस्त कर दिया। इस वक्त जाबिर जेल में बंद है वहीं कम्मो पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा। प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से इन लोगों ने कई सरकारी जमीनों पर अवैध मकानों को खड़ा कर दिया था।

यूपी सरकार लगातार अतीक अहमद और उसके करीबियों के अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने का काम कर रही हैं। इसी क्रम में प्रशासन ने अब उसके खास रहे तीन गुर्गों राशिद, कम्मो और जाबिर के अवैध आलीशान मकानों को जमींदोज कर दिया। यह सभी मकान प्रयागराज के बेली इलाके में स्थित थे।

अतीक गैंग के तीनों सदस्यों में राशिद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। राशिद कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। वहीं इनमे से दो अतीक के शार्प शूटरों में शामिल थे। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा पुलिस की मदद से की जा रही इस कार्रवाई के दौरान राशिद के घर की महिलाओं ने जम कर विरोध किया। पुलिस के कहने के बावजूद वे घर से बाहर निकलने को राजी नहीं थी। जिसके बाद जबरन उन्हें घर से निकाला गया। सरकारी अमले द्वारा बेली कछार में स्टेट लैंड की करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर आलीशान इमारतें खड़ी की गई थी।

वहीं राशिद की अवैध सम्पतियों को गिराने के बाद प्रशासन ने आगे की कार्रवाई करते हुए कम्मो और जाबिर के अवैध को बंगलों को ध्वस्त कर दिया। बता दें ये आपस में भाई है। इस वक्त जाबिर जेल में बंद है वहीं कम्मो पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा। प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से इन लोगों ने कई सरकारी जमीनों पर अवैध मकानों को खड़ा कर दिया था। यह दोनों नामी अपराधियों के सूची में शामिल हैं।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जाबिर पर 18 और कम्मो पर 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह कार्रवाई पीडीए के जोनल अधिकारी सत शुक्ला और आलोक पांडेय के नेतृत्व में हुई है। प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी के स्पेशल आफिसर सत शुक्ला के मुताबिक़ जो मकान गिराए गए हैं, वह सभी सरकारी ज़मीन पर बने थे। इन ज़मीनों को फ्री होल्ड नहीं कराया गया था और न ही विकास प्राधिकरण से कोई नक्शा पास कराया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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