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गोकशी के वारंटी को पकड़ने गई पुलिस पर पथराव, 6 घायल-पेड़ों की आड़ लेकर बचाई जान

वारंटी अनीस पथराव का फायदा उठाकर भाग गया। गोकशी के मामले में वह दो महीने से फरार चल रहा है। उसके 5 साथियों को गिरफ्तार किया गया है।

उत्तर प्रदेश में इटावा के विल्लोचियान मोहल्ले में वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया गया। आरोपित अनीस उर्फ साजन के साथियों द्वारा किए गए पथराव में 6 पुलिसवाले बुरी तरह से घायल हो गए। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी है। पुलिसवालों ने पेड़ों की आड़ लेकर खुद की जान बचाई।

पथराव में महिला सिपाही पूजा तिवारी, सिपाही सलमान, गजराज, अंकित, राजेश, जगन बुरी तरह से घायल हुए हैं। सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बात की जानकारी जसवंतनगर कोतवाली प्रभारी नवरत्न गौतम ने दी है।

वहीं, साथियों का कवर लेकर आरोपित घटनास्थल से रफूचक्कर हो गया। उसके पाँच साथियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मथुरा केदोता छाता मोहल्ला निवासी वकील, फक्कड़पुरा निवासी इजहार, शोएब, कसाई मोहल्ला के रहने वाले शाजिद और कटरा विल्लोचियान के रहने वाले अफीस को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन सभी पर सरकारी काम में बाधा डालने, बलवा समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बीते 2 महीने से गोकशी के मामले में फरार चल रहा था।

गोकशी में क्या है सजा का प्रावधान

गोकशी के मामले में हर राज्य में अलग-अलग नियम हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में गोहत्या के कानून को सख्त बनाने के लिए “उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-2020” को पास किया था। इसके तहत राज्य में गोहत्या पर 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। गोवंश को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुँचाने पर 1 से 7 साल की सजा होगी। इसके अलावा गोकशी और गायों की तस्करी से जुड़े अपराधियों के फोटो भी सार्वजनिक रूप से चस्पा किए जाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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