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बहन से बात करता था फुफेरा भाई, जुबेर ने बनाया मर्डर प्लान: 14 बार चाकू गोद दादा-दादी की हत्या, फूफा को फँसाना था मकसद

जुबेर का फुफेरा भाई जीशान उसकी बहन से बात करता था, जो कि उसको पसंद नहीं था। इसी कारण दोनों के बीच विवाद चल रहा था और वह जीशान की हत्या करना चाहता था।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ हापुड़ नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोटला मेवतियान में एक पोते ने फूफा को फँसाने के लिए अपने ही दादा-दादी की हत्या कर दी। घटना बुधवार (14 जुलाई 2021) रात को घटी। गुरुवार (15 जुलाई 2021) को सुबह उठने के बाद हत्यारे ने खुद ही शोर मचाया, जिसके बाद पड़ोसियों को इसके बारे में पता चला।

इस मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि हत्या के मुख्य साजिशकर्ता जुबेर (19) का उसके फुफेरे भाई जीशान से झगड़ा चल रहा था। दोनों के बीच पहले मारपीट भी हुई थी। जुबेर जीशान की हत्या करना चाहता था औऱ इसके लिए उसने अपने छोटे भाई (14) के साथ मिलकर योजना तैयार की थी। हालाँकि, उसके फूफा रहीमुद्दीन इलाके के दबंग थे, इस कारण वो सीधे तौर पर उससे पंगा लेने से डरता था। इसलिए उसने करीब 85 साल के बुजुर्ग दादा और 80 वर्षीया दादी की हत्या कर उस केस में अपने फूफा को फँसाने की योजना तैयार की।

उसने सोचा था कि उसके दादा-दादी की हत्या के आरोप में उसके (फूफा) को जेल जाने के बाद अपने फुफेरे भाई जीशान की हत्या कर देगा। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने बुजुर्ग दंपति को 12-14 बार चाकू से गोद कर हत्या की है। हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू और उस दौरान इस्तेमाल किए गए लोवर को बरामद कर लिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हापुड़ जिले को एसपी नीरज जादौन ने बताय़ा है कि आरोपितों से जब पूछताछ की गई तो पहले तो वो चुप रहे, लेकिन सख्ती बरतते ही उसने सब कुछ बता दिया। जुबेर का फुफेरा भाई जीशान उसकी बहन से बात करता था, जो कि उसको पसंद नहीं था। इसी कारण दोनों के बीच विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले ही वो अपने दादा-दादी के पास रहने के लिए आया था। एक दिन घर में जब वो जीशान की हत्या की योजना बना रहा था तो उसके दादा ने उसे सुन लिया। इसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। उसने बकरीद पर जीशान की हत्या की योजना बनाई थी। फिलहाल आरोपितों गिरफ्तार कर लिया गया है।

5 बेटे और 3 बेटियों के बाद भी अकेले थे दादा-दादी

जुबेर और जुनैद के दादा-दादी की 8 संतानें थीं। इनमें 5 बेटे और 3 बेटियाँ थीं। बावजूद इसके वो अकेले रहने को मजबूर थे। अपने गुजारे के लिए घर में ही किराना की दुकान खोल रखी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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