Wednesday, May 22, 2024
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मदरसे में चल रहा था 15 अगस्त का प्रोग्राम, कपड़े बदलते लड़कियों को CCTV में देख रहा था टीचर सुलेमान

ग्रामीणों ने जब सुलेमान अंसारी को उसके किए के लिए माफ़ी माँगने को कहा तो बजाए अपनी ग़लती मानने के वो झगड़े पर उतारू हो गया।

मदरसों के अंदर बड़े पैमाने पर बाल शोषण के कई मामले सामने आए हैं। ऐसी ही एक शर्मसार कर देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की है। यहाँ मदरसे के एक शिक्षक ने छात्राओं को कपड़े बदलते हुए देखने के लिए मदरसे में लगे CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया।

ख़बर के अनुसार, बरवन छतर दास गाँव के मुस्तफा दारुल उलूम मदरसा में हुए इस घृर्णित कृत्य की रिपोर्ट हाटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई है। दरअसल, मदरसे में बीते 15 अगस्त को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मदरसे में पढ़ने वाली छात्राओं ने इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। सुरजीत सिंह, पवन सिंह, सुबोध गौड़, किशन सिंह आदि द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक़, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राएँ मदरसे के जिस कमरे में कपड़े बदल रही थीं, उस कमरे का सीसीटीवी कैमरा अध्यापक सुलेमान अंसारी ने चालू कर दिया।

ग्रामीणों के अनुसार, सुलेमान अंसारी काफ़ी देर तक कैमरा चालू करके छात्राओं को कपड़े बदलते देखता रहा। उसकी इस हरक़त पर जब एक बच्चे की नज़र पड़ी तो उसने इसकी सूचना छात्राओं को दे दी। इसके वाद वो सभी छात्राएँ सुलेमान अंसारी के पास पहुँची और विरोध जताया। इस पर अंसारी ने उन्हें डराया-धमकाया कि अगर उन्होंने इस बात पर विरोध प्रकट किया तो वो मदरसे से उनका नाम काट देगा और उन्हें मदरसे से बाहर निकाल देगा।

इस बात की ख़बर जब छात्राओं के परिजनों और आसपास के ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने सुलेमान अंसारी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया और उन्होंने उससे अपने किए की माफ़ी माँगने को कहा। बजाए अपनी ग़लती मानने के सुलेमान अंसारी झगड़े पर उतारू हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसके ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने सुलेमान अंसारी और मदरसे के प्रबंधन के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा-354 ग के तहत मुक़दमा दर्ज किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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