Monday, June 24, 2024
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विहिप लेकर आई 2024 के लिए एक्शन प्लान: लव जिहाद से लेकर मिशनरी हिंसा और हिंदुओं के खिलाफ अभद्र भाषा तक, ये हैं उसकी माँगें

तमिलनाडु के कांचीपुरम में VHP के दो दिन दिवसीय केंद्रीय गवर्निंग काउंसिल की बैठक खत्म होने के बाद चेन्नई में उन्होंने कहा कि साल 2024 में संगठन के 60 साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान वह अपने सदस्यों की संख्या को बढ़ाकर एक करोड़ करेगा और अपने 15 लाख कार्यकर्ताओं के साथ यूनिट को बढ़ाकर एक लाख करने का लक्ष्य रखा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अनुषांगिक शाखा विश्व हिंदू परिषद- विहिप (VHP) ने 2024 के लिए अपना रोडमैप जारी किया है। साल 2024 में संगठन अपनी स्थापना के 60 साल पूरे कर रहा है तथा इसी साल लोकसभा चुनाव (General Election 2024) भी है। अपने रोडमैप में VHP ने लव जिहाद (Love Jehad), धर्मांतरण (Religious Conversion), जेहादी-मिशनरी हिंसा (Jehadi-Missionary Violence) और घृणित बयान (Hate Speech) पर पूर्ण रोक को शामिल किया है।

हिंदू संगठन विहिप ने कहा है कि वह एक करोड़ से अधिक सदस्यों को जोड़ने और 15 लाख कार्यकर्ताओं के साथ अपनी (शाखाओं) इकाइयों को एक लाख तक बढ़ाने की योजना बना रहा है, जो लव जिहाद, अवैध धार्मिक रूपांतरण, मंदिरों के विध्वंस के बढ़ते खतरे को रोकने की दिशा में काम करेंगे। संगठन ने कहा कि देश भर में हिंदू मान्यताओं और देवताओं के खिलाफ नफरत भरे भाषण बढ़ रहे हैं।

चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विहिप के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने देश भर में खासकर तमिलनाडु में हिंदू मंदिरों के विध्वंस, लव जिहाद के बढ़ते खतरे, अवैध धर्मांतरण और हिंदू मान्यताओं एवं देवताओं के खिलाफ बढ़ते नफरत भरे भाषणों पर चिंता जताई।

जैन ने कहा कि सभी राज्य सरकारों को अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाना चाहिए। तमिलनाडु को सहस्राब्दियों से हिंदू धर्म का ध्वजवाहक बताते हुए हिंदू संगठन ने राज्य में हिंदुओं के प्रति बढ़ती असहिष्णुता की ओर ध्यान आकर्षित करने की माँग की और राज्य सरकार से बहुत देर होने से पहले उचित कार्रवाई करने की अपील की। विहिप ने चेतावनी दी कि अगर “वे मूकदर्शक बने रहे तो हिंदू समाज को खड़ा होना होगा और उसे अपने गौरव की रक्षा करनी होगी।”

विहिप ने तमिलनाडु जैसे राज्यों से धर्मांतरण विरोधी और लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का आग्रह किया

डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि अवैध धर्मांतरण मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध और हिंसा है। उन्होंने कहा कि ‘मुल्ला, मौलवी और मिशनरी’ इसे अपना धार्मिक अधिकार मानकर इस आपराधिक गतिविधि में लिप्त हैं और ऐसा करने के लिए सभी प्रकार के असंवैधानिक और अनैतिक साधनों का उपयोग कर रहे हैं।

जैन के अनुसार, देश की आजादी के बाद से समाज के कई अलग-अलग वर्गों ने इस अवैध आपराधिक गतिविधि को समाप्त करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को उन राज्य सरकारों से सीखना चाहिए, जो पहले ही अपने राज्यों में गैर-कानूनी धर्मांतरण को समाप्त करने के लिए कानून लागू कर चुकी हैं।

विहिप के संयुक्त महासचिव ने 17 वर्षीय एम लावण्या के मामले का हवाला देते हुए बताया कि कैसे राज्य सरकार की असंवेदनशीलता और उदासीनता के कारण मिशनरी स्कूलों में अवैध धर्मांतरण और हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के प्रयास अभी भी तमिलनाडु जैसे राज्यों में जारी हैं। तमिलनाडु के तंजावुर में सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल, थिरुकट्टुपाली में 12वीं कक्षा की छात्रा लावण्या ने इस साल जनवरी में आत्महत्या कर ली थी। ईसाई धर्म में मतांतरण करने से इनकार करने पर स्कूल के अधिकारियों ने कथित रूप से उसे खूब प्रताड़ित किया था।

उन्होंने मदुरै के रामनाथपुरम और मेलूर में इसी कारण से हुई अन्य आत्महत्याओं को भी सामने लाया और इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू लड़कियों को यौन वस्तुओं के रूप में इस्तेमाल करने से पहले लव जिहाद के हिस्से के रूप में लक्षित करने की घटनाओं में वृद्धि के बारे में चिंता व्यक्त की।

डॉ सुरेंद्र जैन ने माँग की कि तमिलनाडु सरकार को इन संस्थाओं और व्यक्तियों को कड़ी से कड़ी सजा देकर ऐसी गतिविधियों को रोकना चाहिए, ताकि हिंदू समाज के इस तरह के उत्पीड़न को रोका जा सके। विहिप सेंट्रल गवर्निंग काउंसिल ने राज्य सरकार से अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए एक सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने का आग्रह किया।

विहिप ने इस्लामी कट्टरवाद और आतंकवाद की बढ़ती घटना के खिलाफ आवाज उठाई

हिंदू संगठन ने हाल ही में इस्लामी कट्टरपंथ को लेकर हिंसा की बढ़ती घटनाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “सीएए, कोरोना, हिजाब और नूपुर शर्मा विवाद का इस्तेमाल कर वे देश में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। आतंकवाद को भी इन कट्टरपंथियों ने ही पोषित किया है। दुर्भाग्य से, तमिलनाडु जिहादी आतंकवादियों का केंद्र और भर्ती केंद्र बन गया है।”

विहिप ने कहा कि NIA ने हाल ही में तमिलनाडु से इस्लामी आतंकवादियों की कई गिरफ्तारियाँ की हैं। यहाँ इसके बुनियादी ढाँचे, ‘स्लीपर सेल’ और वित्तीय सहायता प्रणालियों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। हिंदू संगठन ने कहा कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियाँ ​​समाज में इन ताकतों को पहचानने और अपने नागरिकों की रक्षा करने में लापरवाही करती दिख रही हैं।

हिंदुओं के प्रति तमिलनाडु सरकार की उदासीनता की आलोचना करते हुए जैन ने कहा कि राज्य पुलिस की निष्क्रियता राज्य में इस्लामी कट्टरपंथी समूहों को निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

विहिप द्वारा जारी प्रेसनोट में कहा गया है, “1985 से अब तक तमिलनाडु में इन इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा सौ से अधिक हिंदू समाज/राजनीतिक नेताओं की हत्या कर दी गई है। विश्व हिंदू परिषद सरकार से आग्रह करती है कि इस्लामी धार्मिक कट्टरवाद के नाम पर आगे रक्तपात को रोकने के लिए इस्लामी कट्टरपंथियों पर दृढ़तापूर्वक और तेज कार्रवाई करे।”

विहिप ने हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने और उनका विध्वंस रोकने का आग्रह किया

तमिलनाडु सरकार को अक्सर हिंदू धर्म के प्रति पूर्वाग्रह के लिए फटकार लगाई गई है। मद्रास एचसी ने कई मौकों पर तमिलनाडु सरकार को फटकार लगाई है, जिससे उसे विभिन्न अतिक्रमित मंदिर भूमि को पुनर्प्राप्त करने के लिए कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया है। हिंदू संगठन ने भी तमिलनाडु में द्रमुक सरकार की औपनिवेशिक मानसिकता की आलोचना की और माँग की कि हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए।

विहिप ने कहा, “हम इस बात की सराहना करते हैं कि कुछ सरकारें पहले ही हिंदू धार्मिक स्थलों को हिंदू समाज द्वारा चलाने की घोषणा कर चुकी हैं। विहिप की माँग है कि तमिलनाडु सहित शेष राज्य सरकारें भी हिंदू मंदिरों को मुक्त करें। हम हिंदू समाज से अपील करते हैं कि वे अपनी ताकत का एहसास करें और सभी जातियों और लिंगों के पुजारियों एवं भक्तों सहित समिति के माध्यम से उन महान मंदिरों को प्रभावी ढंग से और पारदर्शी रूप से चलाने के लिए तैयार रहें।”

प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि जबरदस्त पूर्वाग्रह के साथ तमिलनाडु सरकार राज्य में हिंदू मंदिरों को अतिक्रमण और अवैध इमारत बताकर ध्वस्त कर रही है। इसमें कहा गया है कि पिछले 13 महीनों में 20 से अधिक मंदिरों को नष्ट कर दिया गया है, जबकि किसी भी मस्जिद या चर्च पर इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।

तमिलनाडु सरकार के हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह की निंदा करते हुए विहिप ने माँग की, “यदि कानून के अनुसार मंदिर को हटाने की आवश्यकता है तो इसे मंदिर समिति और स्थानीय हिंदू संगठनों के साथ परामर्श से अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन देवताओं (सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार जीवित संस्थाएँ) के साथ अत्यंत पवित्रता के साथ व्यवहार किया जाए और हिंदू समाज को पीड़ा न हो।”

हिंदू आस्था और देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी पर हो सख्त कार्रवाई

हिंदू संगठन ने कड़े शब्दों में हिंदू धर्म और उसके देवताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले अपराधियों के प्रति राज्य की निष्क्रियता की निंदा की। विहिप ने स्पष्ट किया कि गैर-हिंदू धर्मों और उनके नेताओं का अपमान करने वालों के खिलाफ देश भर में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, तमिलनाडु में ऐसा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि हाल ही में द्रविड़ YouTuber ने हिंदुओं के आराध्य भगवान शिव को अपमानित करने के लिए सबसे अश्लील भाषा का प्रयोग किया था।

विहिप ने सभी राज्य सरकारों से हिंदू समुदाय की भावनाओं को लेकर थोड़ा विचार करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही संगठन ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर वह चुपचाप देखती ये सब होता हुआ देखती रहती है तो हिंदू समाज को कदम बढ़ाने और अपने सम्मान को बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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