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पंजाब में धर्मान्तरण को बढ़ावा न दें मुख्यमंत्री, फूँक से कोई ठीक होता तो कोरोना में कई पादरी क्यों मरे? – VHP जिलाध्यक्ष ने चन्नी को बताया ‘क्रिप्टो क्रिश्चियन’

विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि विहिप ने कहा कि अवैध धर्मान्तरण ही भारत का विभाजन के लिए जिम्मेदार है। कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में अशांति का कारण भी धर्मान्तरण ही है।

पंजाब में धर्मान्तरण की बढ़ रही गतिविधियों के खिलाफ विश्व हिन्दू परिषद ने 26 नवम्बर 2021 (शुक्रवार) को राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चेतावनी दी। VHP ने मुख्यमंत्री चन्नी पर धर्मान्तरण की गतिविधियों को बढ़ावा देने से बाज आने के लिए कहा। साथ ही ईसाई मिशनरियों को भी चेतावनी दी। परिषद ने हिन्दू-सिखों को धन्यवाद भी दिया, जिनके विरोध के चलते मोगा के चंगाई सभा में मुख्यमंत्री नहीं गए।

विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संयुक्त सचिव डॉ सुरेंद्र जैन के मुताबिक, मिशनरियों द्वारा धोखे से धर्मान्तरण करवाना हिंदू-सिखों की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ है। यह एक साजिश है, जिसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोगा की चंगाई सभा में मुख्यमंत्री का मुख्य अतिथि के रूप में जाने का निर्णय उनके पद और गरिमा के अनुरूप नहीं था। गुरुओं की पवित्र भूमि पर इस तरह के कार्यक्रम का विरोध करने वाले अभिनन्दन के पात्र हैं। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि हिन्दू और सिख चंगाई सभाओं की आड़ में धर्मान्तरण की साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे।

विहिप ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि चंगाई सभा कानून अपराध है। विज्ञप्ति के अनुसार, कुछ शब्दों के उच्चारण करके इस सभा में लोगों को ठीक कर दिया जाता है तो कोरोना के करोड़ों मरीजों को क्यों नहीं ठीक किया जाता। कोरोना से पादरी क्यों मरे? धोखे के आयोजन में मुख्य अतिथि बनकर मुख्यमंत्री मिशनरियों की साजिश में साझेदार बन रहे हैं। भोले-भाले लोगों को धर्मान्तरित करने वाली चंगाई सभाओं का पूरे देश में बहिष्कार होना चाहिए। अवैध धर्मान्तरण ही भारत का विभाजन के लिए जिम्मेदार है। कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में अशांति का कारण भी धर्मान्तरण ही है। विहिप ने धर्मांतरण के खिलाफ केंद्र और सभी राज्यों की सरकारों से कठोर कानून बनाने की भी माँग की।

ऑपइंडिया ने विश्व हिन्दू परिषद के मोगा जिलाध्यक्ष श्रीम शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि 25 नवम्बर 2021 को बड़ी संख्या में VHP कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को अवैध धर्मान्तरण के विरुद्ध चेतावनी दी थी। इसमें पास्टर बजिंदर सिंह भी शामिल था, जो इस रैकेट का मुखिया है। इस से पहले भी बजिंदर सिंह के मोगा कार्यक्रम को रद्द करवाने के लिए प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि पास्टर का कार्यक्रम केवल हिन्दुओं और सिखों का धर्म परिवर्तन करवाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

श्रीम शर्मा ने चन्नी को क्रिप्टो क्रिश्चियन बताया। उन्होंने कहा कि चन्नी पास्टर बजिंदर सिंह के साथ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे जिस पर हत्या, बलात्कार और लोगों को धर्मान्तरित करने के केस दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में चन्नी, सोनू सूद और पंजाब के कई अन्य बड़े नेताओं के आने की खबर सुनकर हैरान रह गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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