Homeदेश-समाजभैंस चोरी में सपा नेता आजम खान को पीड़ितों ने कोर्ट में पहचाना: घर...

भैंस चोरी में सपा नेता आजम खान को पीड़ितों ने कोर्ट में पहचाना: घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट और डकैती का मामला

यतीमखाना केस साल 2016 का है। कमर ने आरोप लगाया था कि सपा नेता समेत करीब 30 लोग उसके घर में घुस गए। सारा सामान घर से बाहर फिकवाने के बाद उस पर बुलडोजर चलवा दिया। साथ ही चार भैंस भी खोल ले गए।

समाजवादी पार्टी के विधायक आजम खान (Azam Khan) की यतीमखाना मामले में मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में दो पीड़ितों ने कोर्ट में आरोपितों की पहचान की है। मामला रामपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली यतीमखाना बस्ती को जबरन खाली कराने से जुड़ा है। आरोपितों पर घर में घुसकर लूटपाट, मारपीट, डकैती और भैसों की चोरी का आरोप है।

इस मामले में 11 मार्च 2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए MPMLA कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सराय गेट के रहने वाले मोहम्मद कमर उर्फ पप्पू और मुन्ने ने भैंसों की चोरी के मामले की पुष्टि की। साथ ही कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ही जरिए पेश हुए सपा नेता आजम खान, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार आदि की पहचान भी की। सभी पीड़ितों ने कोर्ट में अपने पुराने बयान को दोहराया।

गौरतलब है कि यतीमखाना केस साल 2016 का है। 15 अक्टूबर 2016 को कमर ने आरोप लगाया था कि सपा नेता समेत करीब 30 लोग उसके घर में घुस गए। सारा सामान घर से बाहर फिकवाने के बाद उस पर बुलडोजर चलवा दिया। साथ ही चार भैंस भी खोल ले गए। 2019 में आऱोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। कोतवाली थाने क्षेत्र में इस मामले में कुल 12 केस दर्ज किए गए थे। बहरहाल कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 6 मई 2022 को नियत की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -