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‘मेडिकल सार्टिफिकेट दिखाओ कि तुम्हारा रेप हुआ है’: बंगाल की संदेशखाली की महिलाओं ने कहा- रात को दरवाजा पीटते हैं गुंडे, पुलिस पर नहीं भरोसा

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में सत्ताधारी तृणूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं द्वारा महिलाओं के साथ यौन शोषण को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। कुछ महिलाओं का कहना है कि अब प्रशासन उनसे रेप का मेडिकल प्रमाण पत्र माँग रहा है। इसको लेकर महिलाओं ने गुस्सा जताया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर सवाल भी उठाया है।

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में सत्ताधारी तृणूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं द्वारा महिलाओं के साथ यौन शोषण को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। कुछ महिलाओं का कहना है कि अब प्रशासन उनसे रेप का मेडिकल प्रमाण पत्र माँग रहा है। इसको लेकर महिलाओं ने गुस्सा जताया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर सवाल भी उठाया है।

मीडिया से बात करते हुए एक महिला ने बताया कि उसने गुंडों द्वारा बलात्कार की बात बताई तो उससे अब रेप का मेडिकल प्रमाण पत्र दिखाने के लिए कहा जा रहा है। महिला ने पूछा कि आखिर कौन-सी पीड़िता सामने आकर यह स्वीकार करेगी। महिला ने बताया कि उसके साथ यौन दुराचार नहीं हुआ है, लेकिन गाँव की कई महिलाओं के साथ ऐसा हुआ है।

वहीं इस हिंसा की शिकार एक अन्य महिला ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “रोजगार देने से क्या होता है? हमें अपनी जमीन और अपना मान-सम्मान वापस चाहिए। हमारे साथ जो मारपीट और जोर जबरदस्ती हुई, जो लड़कियों को उठाकर ले जाता था, वो मान सम्मान कोई वापस कर सकता है क्या?”

इन महिलाओं ने स्पष्ट रूप से तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता शाहजहाँ शेख और उसके गुर्गे शिबू तथा उत्तम पर आरोप लगाए। महिलाओं ने कहा कि वो रात को सो नहीं पा रही हैं। गुंडे घर की खिड़की-दरवाजों से धमकी देते हैं। गेट पर टॉर्च मारते हैं और दरवाजा पीटते हैं। महिलाओं ने अपनी जान का खतरा बताया है और कहा है कि उन्हें बंगाल पुलिस पर भरोसा नहीं है।

इन आरोपों के बीच पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी यहाँ से शिकायतें प्राप्त की हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुंदरबन के एक टापू में बसे संदेशखाली की महिलाओं ने सिर्फ रेप का आरोप नहीं लगाया है, बल्कि मारपीट, जमीन कब्जाने, छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी और बकाया राशि वापस ना देने के भी आरोप लगाए हैं।

संदेशखाली महिलाओं का आरोप

बता दें कि संदेशखाली में पिछले कुछ दिनों से महिलाएँ सत्ताधारी पार्टी के गुंडों के विरुद्ध सड़कों पर उतरी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने टीएमसी गुंडों के भयावह कारनामों का खुलासा किया है। महिलाओं ने बताया कि वहाँ की महिलाओं के साथ टीएमसी के गुंडों द्वारा रेप और गैंगरेप आम बात है। वो टीएमसी की महिला कार्यकर्ताओं को भी नहीं छोड़ते।

महिलाओं का आरोप है कि पार्टी की मीटिंग में ये नेता सिर्फ महिलाओं को ही बुलाते हैं। महिला कार्यकर्ताओं को धमकाते हुए कहते हैं कि पति को मरने से बचाना है तो पार्टी के दफ्तर में आना पड़ेगा। जब महिलाएँ पार्टी के दफ्तर जाती हैं तो टीएमसी के गुंडे उनका यौन शोषण करते हैं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें अपनी अपने परिजनों की सुरक्षा के लिए चुप रहना पड़ता है।

महिलाओं का ये भी आरोप है कि टीएमसी के गुंडे जमीनों पर कब्जा करते हैं और विरोध करने वालों को गैंगरेप की धमकी देते हैं। यही नहीं, उन्हें जो भी महिला पसंद आती है, उसे उठाकर अपने साथ ले जात हैं और मन भर जाता है तो घर भेज देते हैं। महिलाओं का यह भी आरोप है कि पश्चिम बंगाल की पुलिस टीएमसी के गुंडों के लिए सहायक का काम करती है और पीड़ितों को ही दबाती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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