Friday, July 19, 2024
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संदेशखाली की जिन औरतों से हैवानियत पर देश सन्न, उनकी MP नुसरत जहाँ रील डालने में बिजी: चुप्पी पर उठे सवाल तो कहा- आग में घी मत डालो

संदेशखाली की महिलाओं की आपबीती से पूरा देश सन्न है। लेकिन वहीं की सांसद नुसरत जहाँ सोशल मीडिया पर रील डालने में व्यस्त हैं। जब उनकी चुप्पी पर सवाल उठे तो उन्होंने 'आग में घी मत डालो' कहकर पूरे मामले पर लीपापोती की कोशिश की।

पश्चिम बंगाल का संदेशखाली पिछले कई दिनों से चर्चा में है। यहाँ की महिलाओं ने राज्य की सत्ताधारी दल तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के गुंडों पर घर से उठाकर ले जाने और रेप करने का आरोप लगाया था। इस मामले में महिलाओं की आपबीती से पूरा देश सन्न है। लेकिन वहीं की सांसद नुसरत जहाँ सोशल मीडिया पर रील डालने में व्यस्त हैं। जब उनकी चुप्पी पर सवाल उठे तो उन्होंने ‘आग में घी मत डालो’ कहकर पूरे मामले पर लीपापोती की कोशिश की।

नुसरत जहाँ बशीरहाट से टीएमसी की सांसद हैं। संदेशखाली इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में स्थानीय सांसद होने के कारण नुसरत जहाँ की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती थी कि वह पीड़ित महिलाओं के साथ खड़े हों और उनको न्याय मिलना सुनिश्चित करें। लेकिन सोशल मीडिया पर जिस तरह से उनके पोस्ट सामने आए हैं उससे लगता है कि नुसरत जहाँ उन लोगों के प्रति अपने दायित्व को भूल चुकी हैं जिन्होंने उन्हें चुना है।

संदेशखाली महिलाओं का आरोप

बता दें कि संदेशखाली में पिछले कुछ दिनों से महिलाएँ सत्ताधारी पार्टी के गुंडों के विरुद्ध सड़कों पर उतरी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने टीएमसी गुंडों के भयावह कारनामों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टीएमसी के गुंडों के लिए रेप और गैंगरेप आम बात है। वो टीएमसी की महिला कार्यकर्ताओं को भी नहीं छोड़ते। मीटिंग में सिर्फ महिलाओं को बुलाते हैं। पति को मरने से बचाना है तो पार्टी के दफ्तर में आना पड़ेगा, वहाँ टीएमसी के गुंडे यौन शोषण करते हैं, लेकिन महिलाओं को चुप रहना पड़ता है। टीएमसी के गुंडे जमीनों पर कब्जा करते हैं, विरोध करने वालों को गैंगरेप की धमकी देते हैं। यही नहीं, उन्हें जो भी महिला पसंद आ गई, उसे वो रात भर उठाकर ‘भोगते’ हैं और मन भर जाने पर सुबह घर भेज देते हैं। महिलाओं का यह भी आरोप है कि पश्चिम बंगाल की पुलिस टीएमसी के गुंडों के लिए सहायक का काम करती है। वो पीड़ितों को ही दबाती है।

राज्यपाल से माँगा न्याय

महिलाओं की इन यातनाओं को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी उठाया था। उन्होंने कहा था कि संदेशखाली में जवान शादीशुदा महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है और ममता बनर्जी ऐसे लोगों को संरक्षण दे रही हैं जो हिंदू महिलाओं को टारगेट करते हैं। इन महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश के राज्यपाल आनंद बोस ने भी इनसे मुलाकात की। वहीं प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे को उठाया और सुरक्षा पर चिंता जताई। इसी बीच भाजपा ने बशीरहाट की सांसद नुसरत जहाँ की चुप्पी पर सवाल उठाए।

भाजपा ने उठाए थे नुसरत की चप्पी पर सवाल, तब दिया जवाब

बता दें कि नुसरत जहाँ पर इसी तरह बीजेपी की पश्चिम बंगाल ईकाई ने कहा था, “जब शाहजहाँ शेख और उसके गुर्गे हिंदू महिलाओं को कैद में रख रहे हैं और टीएमसी कार्यालय में उनके साथ बलात्कार कर रहे हैं तो बशीरहाट (जिसका संदेशखाली एक हिस्सा है) से टीएमसी सांसद नुसरत जहाँ इंस्टा और फेसबुक के लिए रील बनाने में व्यस्त हैं! ममता बनर्जी और उनके सांसदों को शर्म आनी चाहिए।”

वहीं भाजपा नेता दिलीप घोष ने ने कहा- “वह डॉग डे चॉकलेट डे के दीवाने हैं। फिर वैलेंटाइन डे मनाते हैं। लोग ऐसे लोगों को वोट क्यों देते हैं जिनमें संवेदनशीलता कम है। उनकी ओर से कोई बयान नहीं है। एक शब्द नहीं है। उन्हें एक बार तो वहाँ जाना चाहिए था। वह महिलाओं की इस दुख की घड़ी में ही वहाँ नहीं है। ऐसी देवियों को वोट दोगे तो यही होगा।”

दिलीप घोष के सवाल पूछने के बाद उन्होंने कहा, “ऐसी गंभीर स्थिति में किसी को भी दूसरों को उकसाना नहीं चाहिए बल्कि एकजुट होकर राज्य प्रशासन का समर्थन करना चाहिए। राज्य सरकार वह कर रही है जिसकी जरूरत है और अधिकारी स्थानीय लोगों की अथक सहायता कर रहे हैं। इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। हमारा काम आग बुझाना है। आग में घी डालना नहीं। एक जन प्रतिनिधि के तौर पर मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूँ।”

गौरतलब है कि नुसरत जहाँ एक तरफ संदेशखाली की स्थिति पर चुप रहने की राय भाजपा नेता को दे रही हैं और दूसरी तरफ इंस्टाग्राम पर अपना प्रमोशन करने में लगी हैं। उनके पोस्ट से पता चलता है कि उन्हें वैलेंटाइन वीक पर पोस्ट डालने की चिंता है लेकिन संदेशखाली में महिलाओं की स्थिति पर क्या एक्शन लिया गया, इस पर अपडेट देने की नहीं।

नुसरत जहाँ के हालिया इंस्टा पोस्ट

उनके पोस्टों पर देख सकते हैं कि लोगों ने उन्हें कमेंट करके संदेशखाली के बारे में भी बताया लेकिन फिर भी उन्होंने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया। उनका बयान आया जब उन पर उंगली उठने लगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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