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टिकरी बॉर्डर पर कोरोना से पश्चिम बंगाल की 25 वर्षीय युवती की डेथ, राकेश टिकैत और गुरनाम सिं​ह पर भिवानी में केस दर्ज

पत्रकार ने पुष्टि की कि टिकरी बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर COVID-19 के कारण मौत का यह पहला मामला है, जहाँ हजारों किसान मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के विरोध कर रहे हैं। भारत में कोरोना की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हो रही है।

दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ पाँच महीने से ज्यादा समय से किसानों का आंदोलन जारी है। इसी बीच आंदोलन में कई दिनों से सक्रिय पश्चिम बंगाल की 25 वर्षीय युवती ने शुक्रवार (30 अप्रैल) की सुबह दम तोड़ दिया। वह 27 अप्रैल से टिकरी बॉर्डर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थी। इस घटना बाद से किसानों में भय का माहौल है।

वहीं, कोरोना के प्रकोप के बावजूद अलग-अलग जगहों पर पंचायतें करने पर किसान आंदोलन के नेतृत्व दल में शामिल किसान नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिं​ह के खिलाफ हरियाणा के भिवानी में मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतका मोमिता बसु पश्चिम बंगाल के हुगली की रहने वाली थीं। वह 11 अप्रैल को टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में शामिल होने आई थीं। वह अलग-अलग संगठनों के साथ यहाँ पर रहीं।

कीर्ति किसान यूनियन के एक नेता राजेंद्र सिंह दीप सिंह वाला ने कहा, “मोमिता प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 11 अप्रैल को पश्चिम बंगाल से टिकरी आई थी। चार दिन पहले उसकी हालत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसके फेफड़ों में संक्रमण पाया था। उन्होंने शुक्रवार को अस्पताल में अंतिम साँस ली।”

हालाँकि, किसान यूनियन के सदस्य सार्वजनिक रूप से दावा कर रहे हैं कि बसु की मौत फेफड़ों में संक्रमण के कारण हुई थी, लेकिन संदीप सिंह नाम के एक पत्रकार ने ट्विटर पर इस बात की पुष्टि की है कि कोरोना से महिला की मौत हुई है।

उन्होंने कहा कि मोमिता बसु के फेफड़ों में संक्रमण था और वह कोरोना से भी संक्रमित थीं। पत्रकार ने पुष्टि की कि टिकरी बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर COVID-19 के कारण मौत का यह पहला मामला है, जहाँ हजारों किसान मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के विरोध कर रहे हैं। भारत में कोरोना की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हो रही है।

बता दें कि पिछले साल सितंबर में मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कोरोना जैसी विश्व व्यापी महामारी के दौरान भी प्रदर्शन स्थल से हटने को तैयार नहीं हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार (29 अप्रैल) को कहा कि किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि सीमा पर उनका आंदोलन कोरोना के मामलों में तेजी आने के बावजूद जारी रहेगा।

मालूम हो कि हरियाणा में कोरोना महामारी के कारण धारा 144 लागू है। इसी बीच गुरुवार को भिवानी के प्रेमनगर गाँव में किसान पंचायत का आयोजन करने के आरोप में राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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