Homeदेश-समाजगोहत्या की सूचना पर पहुँची महिला कांस्टेबल को गले में फंदा डालकर घसीटा: वसीम,...

गोहत्या की सूचना पर पहुँची महिला कांस्टेबल को गले में फंदा डालकर घसीटा: वसीम, आफरीन समेत 10 पर केस दर्ज

पुलिस ने हिम्मत कर एक व्यक्ति को दबोच लिया। जबकि दो आरोपित महिलाओं ने एक महिला कांस्टेबल को दबोचकर उसके गले में रस्सी का फँदा डालकर जान से मारने का प्रयास किया।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मवाना थानाक्षेत्र में गोवंश काटे जाने जाने की सूचना पर पहुँची पुलिस टीम पर आरोपित परिवार के सदस्यों ने हमला बोल दिया। एक महिला सिपाही को आरोपितों ने दबोचकर जान से मारने की नीयत से गले में रस्सी का फँदा डाल कर घसीटा, जिसको अन्य पुलिसकर्मियों ने काफी मुश्किल से बचाया।

पुलिस टीम पर हमले की सूचना पर तुरंत ही आसपास के थानों से पुलिस फोर्स भेजी गई। मौके से दो महिलाओं सहित तीन को हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही, वहाँ से तीन कुंतल माँस, अवशेष तथा औजार व तीन बाइक बरामद करने का दावा किया गया है। थाना प्रभारी ने 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

मामले में उवेश, महराज, आफरिन, वसीम कुरैशी, डिर्रा उर्फ फिरोज कुरैशी, अमजद कुरैशी, फुरकान कुरैशी, इकराम कुरैशी, जैद कुरैशी, आफाक कुरैशी समेत कुल दस आरोपितों के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास, गोकशी, साजिश रचने व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सठला गाँव में पशुओं के कटान की सूचना मिली थी। मुखबिर द्वारा प्राप्त इस सूचना के आधार पर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर दबिश दी गई तो वहाँ पर पशुओं का कटान होता मिला। जैसे ही मकान का दरवाजा खुलवाया गया तो कटान कर रहे लोग उग्र हो गए। आरोपितों ने हाथों में लिए चाकू-छुरे पुलिस दल पर तान दिए और जान से मारने की नीयत से पुलिस फोर्स पर हमला बोल दिया। पुलिस फोर्स को धक्का देते हुए आरोपित छतों पर चढ़ गए और धमकी देने लगे। 

इस दौरान पुलिस ने हिम्मत कर एक आरोपित को दबोच लिया। लेकिन दो आरोपित महिलाओं ने एक महिला कांस्टेबल को दबोचकर उसके गले में रस्सी का फँदा डालकर जान से मारने का प्रयास किया। पीड़ित कांस्टेबल को अन्य पुलिसकर्मियों ने बचाया। स्थिति से आला अधिकारियों को अवगत कराया। आसपास के थानों की पुलस मौके पर पहुँच गई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -