Thursday, September 29, 2022
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जोमैटो से खाना देने आया था 40 साल का रईस शेख, 19 साल की लड़की को करने लगा Kiss, कहा – ‘अंकल हूँ तुम्हारा, कुछ जरूरत हो तो बताना’

रईस शेख को जैसे ही पता लगा कि लड़की घर में अकेली है, तो उसने दोबारा एक गिलास पानी माँगा और उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींच लिया। उसने लड़की के गाल पर दो बार किस किया। जाते हुए उसने लड़की से यह भी कहा कि...

महाराष्ट्र के पुणे से एक लड़की को जबरन किस करने वाले जोमैटो डिलीवरी बॉय (Zomato Delivery Boy) को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना येवलेवाड़ी (Yewalewadi) की है। 40 वर्षीय जोमैटो डिलीवरी बॉय का नाम रईस शेख है। 19 वर्षीय लड़की की शिकायत के आधार पर कोंढवा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित को गिरफ्त में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की येवलेवाड़ी इलाके की नामित सोसायटी में रहती है। उसने पुलिस को शिकायत में बताया कि वह इंजीनियरिंग की छात्रा है और कोंढवा के ही एक कॉलेज में पढ़ती है। 17 सितंबर की रात करीब 9:30 पर उसने जौमेटो से खाना ऑर्डर किया। डिलीवरी बॉय जैसे ही खाना लेकर उसके अपार्टमेंट में पहुँचा, उसने उससे पीने के लिए पानी माँगा। लड़की ने बताया कि जैसे ही वह पानी लेकर आई, वह उससे घरवालों के बारे में पूछने लगा। इस पर उसने कहा कि वह फ्लैट में अपनी दो दोस्तों के साथ रहती है, जो इस समय अपने घर गई हुई हैं।

बताया जा रहा है कि रईस शेख को जैसे ही पता लगा कि लड़की घर में अकेली है, तो उसने दोबारा एक गिलास पानी माँगा और उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींच लिया। उसने धन्यवाद कहने का नाटक करते हुए लड़की के गाल पर दो बार किस किया। जाते हुए उसने लड़की से यह भी कहा कि वह उसके अंकल के जैसा है। अगर उसे कभी भी किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो वह उससे बेझिझक बोल सकती है। इसके बाद रईस शेख लड़की को WhatsApp नंबर पर मैसेज करने लगा, जिससे वह काफी डर गई।

पीड़िता के मुताबिक, पहले वह शेख के खिलाफ शिकायत करने से हिचकिचा रही थी, लेकिन जब वह उसे बार-बार मैसेज करने लगा तो उसने कोंढवा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सरदार पाटिल ने बताया कि मामले में आगे की जाँच जारी है।

पुणे में हुई इस घटना से एक बार फिर सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े गए हैं।। शहरों में बड़े पैमाने पर फूड डिलीवरी ऐप के जरिए खाना ऑर्डर किया जाता है। सवाल यह है कि क्या फूड डिलीवरी ऐप कंपनियाँ अपने कर्मचारियों के दस्तावेजों की जाँच करती हैं? साथ ही, क्या वे इन कर्मचारियों की पृष्ठभूमि और उनके बारे में जानते हैं?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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