अपने ही खेत में तरबूज तोड़ने पर 13 साल के बच्चे की हत्या, मुस्लिम परिवार ने बँटाई पर ले रखी है खेत: आगरा पुलिस ने आँखें निकालने की खबरों से किया इनकार

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना जगनेर क्षेत्र में 13 साल के हिंदू लड़के अमृत/अवनी कुशवाह की बेरहमी से हत्या किए जाने से इलाके में तनाव फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने गाँव में खेत किराए पर लेकर तरबूज-खरबूज की खेती करने वाले मुस्लिम परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है।

मृतक के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में करीब 13 लोगों पर आरोप लगाए हैं। इनमें सद्दाम, अरशद, रशीद, आमेर, नदीम और रियाज अहमद शामिल हैं। डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार के अनुसार, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

किशोर का खून से लथपथ शव गाँव से करीब एक किलोमीटर दूर चकरोड किनारे मिला। शव के पास तरबूज से भरी थैली और खून से सना चाकू भी पड़ा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी एक आँख भी निकाल ली गई है, हालाँकि पुलिस ने आँख निकालने और शरीर के अंग काटे जाने की बात को भ्रामक बताते हुए लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की है।

तरबूज लेने घर से निकला था अमृत, शाम को मिला खून से लथपथ शव

जगनेर थाना क्षेत्र के गाँव रंधीरपुरा निवासी नरेश कुशवाह मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने अपना खेत एक मुस्लिम परिवार को किराए पर दिया था, जो वहाँ तरबूज और खरबूजे की खेती करता है। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार (1 मई 2026) की दोपहर अमृत तरबूज लेने की बात कहकर घर से निकला था।

शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उसकी बहन खेत की तरफ पहुँची, जहाँ गाँव से करीब एक किलोमीटर दूर सोनीखेड़ा बांध के पास उसने अमृत का खून से लथपथ शव देखा। शव के पास तरबूज से भरी थैली और तरबूज काटने वाला खून से सना चाकू था। बहन की चीख सुनकर परिवार और ग्रामीण मौके पर पहुँच गए।

ग्रामीणों के अनुसार अमृत के सिर, चेहरे और कान पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार की किसी से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी।

हत्या के बाद भड़का आक्रोश, चार घंटे तक नहीं उठने दिया शव

घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुँच गई, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने खेत किराए पर लेने वाले मुस्लिम परिवार पर हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग शुरू कर दी। आक्रोशित लोगों ने चकरोड पर जाम लगा दिया और करीब चार घंटे तक शव नहीं उठने दिया।

स्थिति बिगड़ती देख एसीपी प्रीता दुबे समेत करीब 10 थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुँची। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी जाँच के लिए बुलाया गया। काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। आगरा पुलिस के मुताबिक, बसई जगनेर थाना पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। DCP पश्चिम आदित्य कुमार ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए पश्चिम जोन की एसओजी, सर्विलांस और पुलिस की कुल पाँच टीमें लगाई गई हैं। गाँव में किसी भी संभावित सांप्रदायिक टकराव को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।