16 दोषियों को उम्रकैद की सजा
दोषियों में मंजूर अहमद, मोहम्मद अली, हाशिम , मोहम्मद कमरुल, मोहम्मद मुजीफ, मोहम्मद यूनुस, रिजवान, शाहपुर चामरान, जाने आलम, नाजिम, परवेज आलम, फिरोज शामिल थे। ये सभी मैनाठेर और आसपास के इलाके के रहने वाले हैं।
इस मामले में 14 दोषियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, लेकिन दो दोषी फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों को हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दरअसल इस मामले में 19 आरोपित थे, जिनमें से 3 आरोपितों की मौत हो चुकी है।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी सफलता
— MORADABAD POLICE (@moradabadpolice) March 28, 2026
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व एवं पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के अंतर्गत मुरादाबाद पुलिस व अभियोजन की प्रभावी पैरवी से, वर्ष 2011 के थाना मैनाठेर प्रकरण में 1/2 pic.twitter.com/p2d6IyB1PC
डीआईजी कैसे हुए थे घायल
मुरादाबाद के मैनाठेर के गाँव असालतपुरा बघा में 6 जुलाई 2011 को पुलिस छेड़छाड़ के आरोपित की तलाश में दबिश देने पहुँची। पुलिस की टीम पर कुछ महिलाओं ने हमला कर दिया और आरोपित को गिरफ्तार करने नहीं दिया। महिलाओं और दूसरे लोगों ने यह अफवाह फैलाई कि पुलिस ने कुरान का अपमान कर दिया है। अफवाह के बाद मुस्लिम भीड़ हंगामा करते हुए सड़कों पर निकली। इनलोगों ने डींगरपुर पुलिस चौकी और वहाँ मौजूद पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। इन पर भी मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। इसमें तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में 34 लोगों की पहचान की। इनमें से 25 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई, जिनमें 6 नाबालिग थे। 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए 16 दोषियों को अब उम्रकैद की सजा मिली है।

