मुस्लिम भीड़ ने पुलिस चौकी में लगाई आग, DIG पर किया जानलेवा हमला: मुरादाबाद के ‘मैनाठेर कांड’ में 15 साल बाद कोर्ट का फैसला, 16 दोषियों को उम्रकैद

यूपी के मुरादाबाद में 2011 में हुए बहुचर्चित मैनाठेर कांड में मुरादाबाद कोर्ट ने 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दरअसल 15 साल पहले मैनाठेर क्षेत्र में छेड़छाड़ के आरोपित को पकड़ने पुलिस टीम पहुँची थी, जिसे महिलाओं ने घेर लिया और आरोपित को गिरफ्तार नहीं करने दिया। इस दौरान जमकर बवाल हुआ था। पुलिस वाहन और चौकी को आग के हवाले कर दिया गया था। तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमला किया गया, जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए थे।

16 दोषियों को उम्रकैद की सजा

दोषियों में मंजूर अहमद, मोहम्मद अली, हाशिम , मोहम्मद कमरुल, मोहम्मद मुजीफ, मोहम्मद यूनुस, रिजवान, शाहपुर चामरान, जाने आलम, नाजिम, परवेज आलम, फिरोज शामिल थे। ये सभी मैनाठेर और आसपास के इलाके के रहने वाले हैं।

इस मामले में 14 दोषियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, लेकिन दो दोषी फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों को हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दरअसल इस मामले में 19 आरोपित थे, जिनमें से 3 आरोपितों की मौत हो चुकी है।

डीआईजी कैसे हुए थे घायल

मुरादाबाद के मैनाठेर के गाँव असालतपुरा बघा में 6 जुलाई 2011 को पुलिस छेड़छाड़ के आरोपित की तलाश में दबिश देने पहुँची। पुलिस की टीम पर कुछ महिलाओं ने हमला कर दिया और आरोपित को गिरफ्तार करने नहीं दिया। महिलाओं और दूसरे लोगों ने यह अफवाह फैलाई कि पुलिस ने कुरान का अपमान कर दिया है। अफवाह के बाद मुस्लिम भीड़ हंगामा करते हुए सड़कों पर निकली। इनलोगों ने डींगरपुर पुलिस चौकी और वहाँ मौजूद पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। इन पर भी मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। इसमें तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में 34 लोगों की पहचान की। इनमें से 25 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई, जिनमें 6 नाबालिग थे। 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए 16 दोषियों को अब उम्रकैद की सजा मिली है।