रामपुर में मुस्लिमों ने सरकारी जमीन को फर्जीवाड़े से दर्ज कराया कर्बला, 8 साल बाद प्रशासन ने ₹1 करोड़ की 2 बीघा भूमि को कराया कब्जा मुक्त: JCB से समतल हुई जमीन

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की मिलक तहसील के अस्दुल्लापुर गाँव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब सवा दो बीघा सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया। उप जिलाधिकारी अनुराग सिंह के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुँचकर जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से जमीन को खाली कराया।

यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों की जाँच में तथ्यों की पुष्टि होने के बाद की गई। प्रशासनिक जाँच में सामने आया कि संबंधित गाटा संख्या की भूमि राजस्व अभिलेखों में पहले बंजर और पुरानी परती श्रेणी में दर्ज थी, लेकिन वर्ष 2016 में इसकी प्रविष्टि बदलकर कर्बला कर दी गई थी।

मामले की कानूनी समीक्षा के बाद प्रविष्टि को निरस्त कर जमीन को दोबारा मूल श्रेणी में बहाल करते हुए सरकारी खाते में दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह भूमि किसी व्यक्ति के निजी कब्जे में नहीं थी, मुस्लिम समुदाय द्वारा इसका सार्वजनिक उपयोग किया जा रहा था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहाँ मोहर्रम के दौरान ताजिए दफन किए जाते थे और यह पूरी तरह कर्बला के रूप में ही प्रयोग में आ रही थी। प्रशासन ने बताया कि जमीन की बाजार कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक आँकी गई है। भविष्य में इस भूमि का उपयोग सरकारी योजनाओं, जरूरतमंदों के आवास या अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए नियमानुसार किया जा सकता है।