आइजोल के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम अब पूरी तरह उग्रवाद मुक्त हो गया है। 30 अप्रैल 2024 को राज्य के आखिरी सक्रिय विद्रोही गुट ‘हमार पीपुल्स कन्वेंशन-डेमोक्रेटिक’ (HPC-D) के 43 कैडरों ने हथियारों का त्याग कर दिया।
आइजोल के पास सेसॉन्ग में आयोजित एक विशेष समारोह में इन विद्रोहियों ने मुख्यधारा में लौटने की शपथ ली। यह कामयाबी 14 अप्रैल को मिजोरम सरकार और विद्रोही गुट के बीच हुए शांति समझौते के बाद मिली है।
BIG NEWS for INDIA –
— News Arena India (@NewsArenaIndia) May 1, 2026
Mizoram declared 'insurgency-free' as last militant group lays down arms. pic.twitter.com/v5uspW6C4s
समर्पण करने वाले विद्रोहियों ने अपने हथियार मुख्यमंत्री लालडुहोमा और गृह मंत्री के सपडांगा के सामने सौंपे। यह गुट लंबे समय से हमार समुदाय के लिए अलग जिला परिषद की माँग कर रहा था। अब हथियारों के खत्म होने से इलाके में विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
Home Coming & Armes Laying Ceremony held at Sesawng today as HPC(D)–Lalhmingthanga Sanate Faction cadres lay down arms and join the mainstream. CM @Lal_Duhoma calls for unity and urges all to reject anything that may incite violence. Mizoram stands peaceful and united. pic.twitter.com/FaVSr4dxC8
— CM Office Mizoram (@CMOMizoram) April 30, 2026
पूर्व IPS अधिकारी और वर्तमान मुख्यमंत्री लालडुहोमा ने इस मौके पर कहा, “हम सब मिजो हैं। अगर हम अलग-अलग होकर लड़ेंगे, तो कभी सफल नहीं होंगे। हमें अपनी साझा पहचान में ही संतुष्टि ढूँढनी होगी।” उन्होंने साफ किया कि दशकों से चल रहा उग्रवाद अब खत्म हो चुका है। अब राज्य के सभी समुदाय मिलकर मिजोरम की तरक्की के लिए काम करेंगे।

