ईरान से ‘तेल व्यापार’ करने पर भड़का अमेरिका, जैर और जुल्फिकार की भारत स्थित कंपनी पर प्रतिबंध लगाया

अमेरिका ने ईरान के साथ अवैध पेट्रोलियम व्यापार करने के आरोप में भारत स्थित दो कंपनियों और दो कारोबारियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह कार्रवाई ईरान के शिपिंग और वित्तीय नेटवर्क को बाधित करने के लिए की है, जिनका इस्तेमाल ईरान अपने समर्थित समूहों को फंडिंग करने और हथियार खरीदने के लिए करता है।

भारत के दो कारोबारी और उनकी शिपिंग कंपनी बैन

अमेरिका ने गुरुवार (20 नवंबर 2025) को भारत के दो कारोबारियों और उनकी दो कंपनियों को प्रतिबंधित किया है। अमेरिका का आरोप है कि ये संस्थाएँ ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और शिपमेंट में मदद कर रही थीं।

बैन लगाने वाली सूची में भारतीय नागरिक जैर हुसैन और जुल्फिकार हुसैन शामिल हैं। साथ ही, उनकी कंपनी आरएन शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर भी बैन लगा है। अमेरिका का आरोप है कि इस कंपनी ने 2025 की शुरुआत से ही ईरानी तेल भेजने वाले कई जहाजों को ऑपरेट किया।

पेट्रोलियम ट्रेडिंग कंपनी पर भी कार्रवाई

इसके अलावा, भारत की पेट्रोलियम उत्पाद ट्रेडिंग कंपनी टीआर6 पेट्रो इंडिया एलएलपी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, TR6 पेट्रो ने अक्टूबर 2024 से जून 2025 के बीच 8 मिलियन डॉलर (80 लाख डॉलर) से ज्यादा का ईरानी बिटुमेन (एक तरह का पेट्रोलियम उत्पाद) आयात किया।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नेटवर्क ईरान को पैसा कमाने में मदद करते हैं। इस पैसे का उपयोग ईरान अपनी समर्थित सेना और आतंकी समूहों को फंडिंग करने के लिए करता है। यह कार्रवाई अमेरिका के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद ईरान के तेल नेटवर्क पर लगाम लगाना है।