अमेरिका की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जिसमें उसने अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जिस दवा के लिए उसे अमेरिका में 1,000 डॉलर (करीब 85,000 रुपए) चुकाने पड़ते, वही दवा उसे भारत से सिर्फ 25 डॉलर (करीब 2,100 रुपये) में मिल गई।
महिला का नाम विक्टोरिया है, उसने कहा कि उसकी बीमा कंपनी ने डॉक्टर द्वारा लिखी गई जरूरी दवा का खर्च उठाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे पूरी कीमत अपनी जेब से देनी पड़ती। महिला के मुताबिक, यह रकम केवल छह गोलियों के लिए माँगी जा रही थी। इतनी ऊँची कीमत देखकर उसने दूसरा विकल्प तलाशना शुरू किया।
A US woman says a medicine that would have cost her $1,000 in the US was sourced from India for just $25, calling the American healthcare system a “scam” pic.twitter.com/vydm5ybXcn
— India Plus (@india_plus_) June 13, 2026
इसी दौरान उसके डॉक्टर ने उसे सलाह दी कि वह अपना प्रिस्क्रिप्शन कनाडा की एक फार्मेसी को भेजे। वहाँ से दवा सीधे भारत के निर्माता से मंगाई जा सकती थी। महिला ने बताया कि शुरुआत में उसे लगा था कि इस प्रक्रिया में भी 100 से 200 डॉलर (करीब 8,500 से 17,000 रुपए) तक खर्च हो सकता है, लेकिन वास्तविक कीमत जानकर वह हैरान रह गई।
उसे दवा सिर्फ 10 डॉलर (करीब 850 रुपए) में मिली, जबकि 15 डॉलर (करीब 1,275 रुपए) अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर खर्च हुए। इस अनुभव के बाद उसने अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम को स्कैम बताया है। इसी बीच एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने भी अपना अनुभव साझा किया।
When I visited India a few years ago, I got my blood work done at 7am by a Healthcare worker who visited me, got the reports by 9am, doctor's appointment at 10am, followup multiple scans at 2pm, scan results came back at 3pm, followup doctor's phone appointment at 4pm, and… https://t.co/MhWIn30nHC
— JM US (@JMUSPatriot) June 13, 2026
उसने बताया कि भारत यात्रा के दौरान उसने सुबह 7 बजे घर पर ही हेल्थकेयर वर्कर से ब्लड टेस्ट कराया, सुबह 9 बजे रिपोर्ट मिल गई, 10 बजे डॉक्टर से अपॉइंटमेंट हुआ, दोपहर 2 बजे कई स्कैन कराए गए, 3 बजे स्कैन रिपोर्ट आ गई और शाम 5 बजे दवाइयाँ घर तक पहुँचा दी गईं। यूजर के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया केवल 3,000 रुपए में पूरी हो गई।

