अमित शाह ने असम से ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ 2.0 किया लॉन्च, 1954 गाँवों के विकास पर ₹6800 करोड़ खर्च करेगी सरकार: बॉर्डर इलाकों पर रहेगा फोकस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को असम के कछार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे एक गाँव से केंद्र सरकार की ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के दूसरे चरण की शुरुआत की। वह दो दिवसीय असम दौरे पर हैं, जिसमें उनके दौरे का पहला चरण दक्षिण असम के बराक वैली क्षेत्र पर केंद्रित रहा।

सीमा पर बसे इस गाँव में लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार सीमा क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बराक वैली और अन्य सभी सीमावर्ती जिलों के हर गाँव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘वाइब्रेंट विलेज 2’ के तहत सभी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने का काम करेंगे।

शाह ने कहा कि एक समय था जब सीमा पर बसे गाँवों को देश का आखिरी गाँव माना जाता था। विकास, रोजगार, बिजली, सड़क और शिक्षा जैसी सुविधाओं के मामले में ये गाँव सबसे पीछे रह जाते थे। लेकिन ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी ने यह सोच बदलने का काम किया और कहा कि सीमा के गाँव देश के आखिरी नहीं बल्कि पहले गाँव हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब इन गाँवों को विकास की मुख्यधारा में लाया जाएगा और इन्हें हर जरूरी सुविधा से जोड़ा जाएगा, ताकि सीमा पर रहने वाले लोगों को भी बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर मिल सकें।

किबिथू से कछार तक: योजना का विस्तार

अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी याद दिलाया कि करीब तीन साल पहले, अप्रैल 2023 में उन्होंने इस योजना के पहले चरण की शुरुआत अरुणाचल प्रदेश के भारत-चीन सीमा पर स्थित किबिथू गाँव से की थी।

उन्होंने बताया कि पहले चरण के तहत उत्तरी सीमा से लगे 19 जिलों के कुल 662 गाँवों को समग्र विकास के लिए चिन्हित किया गया था। इन जिलों में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्र शामिल थे।

शाह ने कहा कि इन गाँवों में बुनियादी ढाँचा, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया, ताकि सीमा पर बसे लोग भी देश के विकास में बराबर की भागीदारी कर सकें।

‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ के दूसरे चरण की शुरुआत 20 फरवरी को की गई है। इस चरण के लिए कुल 6839 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है और यह योजना वित्तीय वर्ष 2028-29 तक लागू रहेगी।

अमित शाह के अनुसार, दूसरे चरण में देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 1954 गाँवों को शामिल किया गया है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

इनमें से 140 गाँव अकेले असम के हैं, जहाँ सीमा क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस चरण का मकसद सीमावर्ती गाँवों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है, ताकि सीमा पर बसे गांव सच मायनों में विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

अमित शाह ने बताया कि दूसरे चरण में कई तरह की योजनाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा, “इसमें सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम, योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने के अभियान और कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस इस बात पर रहेगा कि हर पात्र परिवार तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ पहुँचे। इसके साथ ही इन संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सड़क, संचार, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, ताकि यहाँ रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें और सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत हो।

अवैध अप्रवास पर कड़े शब्द

असम में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अमित शाह ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाया, जो राज्य की राजनीति का बड़ा सवाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कॉन्ग्रेस सरकारें असम की सीमाओं की रक्षा करने में नाकाम रहीं।

शाह ने कहा, “हमारा असम दो बड़ी समस्याओं से परेशान था। एक समस्या यह थी कि घुसपैठिए असम के लोगों के अधिकार छीन रहे थे। क्या घुसपैठियों को रोका जाना चाहिए या नहीं? कांग्रेस सरकारों ने हमारी सीमाएँ घुसपैठियों के लिए खुली छोड़ दी थीं। वे लगातार असम में घुसते रहे और यहाँ के युवाओं की नौकरियाँ, गरीबों का राशन और गाँवों की जमीन तक छीनने की कोशिश की गई। यहाँ की जनसंख्या का संतुलन बदलने का प्रयास हुआ।”

उन्होंने आगे कहा कि 10 साल पहले असम की जनता ने भाजपा की सरकार बनाई। “पहले पाँच साल में हमने घुसपैठ रोकने का काम किया। और अगले पाँच साल में हमारे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लाखों बीघा जमीन, जिस पर घुसपैठियों ने कब्जा कर रखा था, उसे खाली कराने का काम किया।”

शाह ने चुनावी माहौल का जिक्र करते हुए कहा, “अब तीसरी बार चुनाव आ रहे हैं। आप फिर से भाजपा की सरकार बनाइए। मैं वादा करता हूँ कि कॉन्ग्रेस के शासनकाल में जो भी घुसपैठिए आए थे, हम उन्हें खोज-खोजकर वापस भेजने का काम करेंगे।”

अपने दो दिवसीय असम दौरे के दौरान अमित शाह शनिवार (21 फरवरी 2026) को गुवाहाटी में CRPF के वार्षिक दिवस परेड में शामिल होंगे और सोनापुर में 10वीं असम पुलिस बटालियन के नए कैंपस की आधारशिला रखेंगे।

वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ केंद्र ने सीमावर्ती विकास पर जोर दोबारा जताया है, जो सुरक्षा और आगामी चुनावों के राजनीतिक संदेश दोनों का प्रतीक है।