देर रात पुलिस ने केंद्र पर छापा मारकर 9 लोगों को सेंटर बाहर निकाला और 6 की गिरफ्तारी हुई। मुख्य आरोपित जाहिरुल शेख फिलहाल फरार है। स्थानीय लोग मामले में सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने यह रेड उसी रात मारी जब उन्हें पता चला कि सेंटर की ऊँची इमारत से 5 लोगों ने कूदकर भागने की कोशिश की है। पूछताछ हुई तो सेंटर के भीतर चल रहे खेल का खुलासा हुआ।
पता चला कि कैसे केंद्र में भर्ती लोगों को ‘बेहतर इलाज’ का लालच देकर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। पीड़ितों पर गोमांस खाने का भी दबाव बनाया जा रहा था। मना करने पर उन्हें पाइप और लोहे की छड़ों से पीटा जाता था।
पीड़ितों ने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की भी शिकायत की है। उन्होंने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए कहा कि उनसे जबरन काम कराया जाता था। उन्हें शौचालय साफ करने और स्टाफ व मालिक के कपड़े धोने के लिए मजबूर किया जाता था।
#RehabJihad
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) April 26, 2026
After Gym Jihad, Corporate Jihad, School Jihad, now #RehabJihad in Dhubri of Assam.
Hindu youths undergoing treatment in Rehab centre are forced to eat Beef, and threatened to convert to Islam, if refused to eat beef, they are beaten badly with iron rod, and they… pic.twitter.com/DTBJnTHfIp
इतना ही नहीं ये भी पता चला कि सेंटर की ओर से हर महीने 12,000 रुपए लिए जाते थे, लेकिन देखभाल पर केवल करीब 2,000 रुपए ही खर्च किए जाते थे। त्वचा रोग, जैसे स्केबीज़, होने पर भी कोई इलाज नहीं होता था।
एक पीड़ित ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें भी मजहब बदलने के लिए कहा गया था। हालाँकि उन्होंने मना किया तो उनके पैरों के तलवों पर पाइप से मारा पीटा गया। जब उन्होंने दवा माँगी तो उन्हें कहा गया कि वे केवल बिना नमक के उबले आलू और चावल खाएँ।
जाँच में सामने आया कि केंद्र पिछले तीन साल से बिना वैध पंजीकरण के चल रहा था। पुलिस ने अब केस में अपनी जाँच तेज कर दी है और मुख्य आरोपित की तलाश भी जारी है। बता दें कि छत से कूदने वाले हिंदुओं में 3 गंभीर रूप से घायल हैं। उनको इलाज मुहैया करवाया जा रहा है

