उत्तराखंड-गुजरात के बाद असम में UCC बिल पास, बहुविवाह पर रोक और लिव-इन छुपाने पर होगी जेल: CM हिमंता बोले- संविधान निर्माताओं की इच्छा को पूरा किया

असम विधानसभा ने बुधवार (27 मई 2026) को भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) बिल पास कर दिया है। उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम यह ऐतिहासिक कानून लाने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार ने सत्र के आखिरी दिन विपक्ष के कड़े विरोध के बावजूद इसे मंजूरी दिलाई। इस कानून के लागू होने से राज्य में शादी, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप और संपत्ति के नियम पूरी तरह बदल जाएँगे।

नए UCC बिल में एक से ज्यादा शादी यानी बहुविवाह पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसका उल्लंघन करने वाले को 7 साल तक की जेल होगी। धोखे या पहचान छिपाकर शादी करने पर भी 7 साल की सजा का प्रावधान है।

अवैध रूप से तलाक लेने पर 3 साल की जेल होगी। हालाँकि, आदिवासियों को उनकी संस्कृति बचाने के लिए इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। इस कानून के तहत अब लिव-इन रिलेशनशिप का एक महीने के भीतर सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

जानकारी छुपाने या रजिस्ट्रेशन न कराने पर 3 महीने की जेल या जुर्माना हो सकता है। नए नियमों के मुताबिक अब शादी और तलाक का भी सरकारी रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा, संपत्ति के बँटवारे में अब बेटों की तरह बेटियों को भी बराबरी का कानूनी हक मिलेगा।