बम फेंके-पत्थर मारे-दागी ताबड़तोड़ गोलियाँ: बंगाल में BJP की जीत जश्न TMC गुंडों से नहीं हुआ बर्दाश्त, हावड़ा में भाजपा नेता और कार्यकर्ता पर हमला

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद कई जगह से हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं। 7 मई को हावड़ा जिले के शिबपुर इलाके के चौराबस्ती क्षेत्र में भी भाजपा कार्यकर्ताओं और तृणमूल कॉन्ग्रेस गुंडों के बीच जोरदार झड़प हुई। हिंसा में कम से कम 1 के घायल होने की भी खबर है। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

घटना के बाद इलाके की सड़कों पर ईंटें, पत्थर और टूटे हुए सामान बिखरे पड़े दिखाई दिए। पुलिस ने इसे राजनीतिक झड़प बताया है और कहा कि समय रहते इस स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टीएमसी से जुड़े गुंडों ने TMC पार्षद के शौहर शमीम अहमद के नेतृत्व में ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता सिकंदर खान के घर को निशाना बनाकर हमला किया। उनके घर पर गोलियाँ चलाईं।

भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे चुनाव जीत का जश्न मना रहे थे, तभी हमलावरों ने अचानक बम फेंकने और फायरिंग शुरू कर दी। उनका दावा है कि 7 से 8 राउंड गोलियाँ चलाई गईं और 12 से 15 बम फेंके गए। कई भाजपा कार्यकर्ताओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भाजपा के हावड़ा जिला अध्यक्ष गौरंग भट्टाचार्या ने आरोप लगाया कि यह हमला लोगों में डर फैलाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद टीएमसी बौखलाई हुई है और हिंसा के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने भी कहा कि इस घटना के पीछे टीएमसी नेता शमीम अहमद उर्फ बोरे शामिल था। उस पर पहले भी हिंसा के मामलों में आरोप लग चुके हैं। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान खंगाल रही है। इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है।

बता दें कि इसी बीच मुर्शिदाबाद जिले में भी टीएमसी नेता उस्मान गनी के घर पर देसी बम फेंके जाने की घटना सामने आई है। घटना के समय वह घर पर नहीं थे, लेकिन उनकी पत्नी मौजूद थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर इस केस की भी जाँच शुरू कर दी है। भाजपा ने साफ कहा है कि उपद्रवियों को छोड़ा नहीं जाएगा

गौरतलब है कि 4 मई को आए चुनाव नतीजों में भाजपा ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। इसके बाद से राज्य के कई जिलों में राजनीतिक हिंसा, हत्या, तोड़फोड़ और तनाव की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं।