भोजशाला पहुँचे MP CM मोहन यादव, माँ वाग्देवी की पूजा-अर्चना कर यज्ञ में दी आहुति: HC के फैसले के बाद धार दौरे के गहरे सियासी मायने

मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भोजशाला सोमवार (25 मई 2026) को ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनी। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर करीब 1:30 बजे धार स्थित भोजशाला पहुँचे। पद पर रहते हुए भोजशाला का दौरा करने वाले वे प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

मुख्यमंत्री ने परिसर में पहुँचकर माँ वाग्देवी (देवी सरस्वती) के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना की।

इस दौरान धार शहर में सुबह से ही जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा गया। चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु और समर्थक मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए सड़कों पर डटे रहे। पूरे शहर को स्वागत मंचों से सजाया गया था। मुख्यमंत्री ने भोजशाला के हवन कुंड में बैठकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियाँ भी दीं, जिससे पूरा परिसर ‘जय माँ सरस्वती’ के जयकारों से गूँज उठा।

मुख्यमंत्री का यह दौरा कानूनी और राजनीतिक लिहाज से बेहद अहम है। बता दें कि 15 मई 2026 को हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को निर्देश दिया था कि हिंदू पक्ष को वर्षभर पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाए। इस न्यायिक निर्णय के तुरंत बाद सूबे के मुखिया का यहाँ आना कई बड़े संकेत देता है।

इस मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इसे वर्षों के इंतजार के बाद आया एक बेहद भावुक और विशेष अवसर बताया। जनता के बीच यह भरोसा भी मजबूत होता दिखा कि राज्य सरकार की इस गंभीर पहल से अब लंदन में रखी माँ वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस भारत लाने का रास्ता भी साफ हो सकता है।