कर्नाटक में प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (GBIT) यानी बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के खिलाफ भाजपा और जेडी(एस) ने मोर्चा खोल दिया है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी से हस्तक्षेप करने की माँग की है।
भाजपा और जेडी(एस) का आरोप है कि किसानों की सहमति के बिना हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है।
क्या है पूरा मामला और कितना बड़ा है प्रोजेक्ट?
कर्नाटक सरकार के अनुसार, बेंगलुरु पर बढ़ते दबाव को कम करने और शहर के विस्तार के लिए बिदादी और हरोहल्ली के बीच लगभग 18 हजार करोड़ रुपए की लागत से ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (GBIT) विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। सरकार इसे भविष्य के शहरी विकास और नई टाउनशिप मॉडल के तौर पर पेश कर रही है।
विपक्ष का दावा है कि इसके लिए हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है। दावों के मुताबिक, करीब 7,481 एकड़ से लेकर 9,600 एकड़ तक जमीन अधिग्रहण की योजना बताई जा रही है। सरकार ने संकेत दिया है कि जून के अंत तक भूमि अधिग्रहण से जुड़ी अधिसूचनाएँ पूरी की जाएँगी और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
BJP ने बताया- किसान कर रहे विरोध, नहीं हो रही सुनवाई
भाजपा और जेडी(एस) ने इस परियोजना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने राहुल गाँधी को लिखे पत्र में दावा किया कि 25 गाँवों के 3,500 से ज्यादा किसान पिछले करीब 470 दिनों से विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी आपत्तियों पर सार्वजनिक सुनवाई तक नहीं की गई।
जेडी(एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के पारदर्शिता और सहमति संबंधी प्रावधानों को नजरअंदाज किया। उन्होंने दावा किया कि अंतिम भूमि अधिग्रहण अधिसूचना जारी करने से पहले पर्याप्त जनसहमति नहीं ली गई।
इसी बीच जेडी(एस) ने वित्त विभाग के दस्तावेज भी सार्वजनिक किए, जिनमें परियोजना के पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल, फंडिंग व्यवस्था और एक साथ बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहण पर सवाल उठाए जाने का दावा किया गया। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि परियोजना के लिए HUDCO से लगभग 12 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई जा रही है।
भाजपा ने कहा- यह राज्य प्रायोजित भूमि कब्जा
केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी ने सीएम डीके शिवकुमार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि यह विकास परियोजना नहीं बल्कि रियल एस्टेट हितों को फायदा पहुँचाने वाला मॉडल बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की इच्छा के खिलाफ उपजाऊ जमीन ली जा रही है और विरोध करने वालों पर प्रशासनिक दबाव डाला जा रहा है।
वहीं भाजपा ने इसे ‘राज्य प्रायोजित भूमि कब्जा’ बताते हुए राहुल गाँधी से मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप कर जमीन अधिग्रहण रोकने का निर्देश देने की माँग की है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना पहले से चली आ रही शहरी योजना का हिस्सा है और इसे रोका नहीं जाएगा।

