बिहार विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग जारी, मतदान केंद्रों पर लगीं महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। इस चरण में राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन कर रहे हैं। जमुई से बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह और पवन सिंह की पत्नी और काराकाट से निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति सिंह ने मतदान किया है। कुल 1302 उम्मीदवारों की किस्मत आज EVM में बंद होगी, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के करीब एक दर्जन मंत्री भी मैदान में हैं।

बिहार के किशनगंज और जमुई समेत कई जिलों में सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। बड़ी तादाद में महिलाएँ पोलिंग बूथ पहुँच रही हैं। दूसरे चरण का मतदान पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे नेपाल सीमा से सटे जिलों में हो रहा है। मतदान को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इस चरण की अधिकांश सीटें सीमांचल क्षेत्र में हैं, जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक होने से मुकाबला दिलचस्प बन गया है।

राज्य भर में 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40,073 ग्रामीण इलाकों में हैं। इस चरण में 1.75 करोड़ महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही हैं। हिसुआ (नवादा) विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 3.67 लाख मतदाता हैं जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी में प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा यानी 22-22 है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव के लिए लोगों से मतदान की अपील की हैं। उन्होंने X पर लिखा, “बिहार विधानसभा चुनावों में आज दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग है। सभी मतदाताओं से मेरा निवेदन है कि वे इसमें बढ़-चढ़कर भागीदार बनें और मतदान का नया रिकॉर्ड बनाएं। पहली बार वोट देने जा रहे राज्य के अपने नौजवान साथियों से मेरा विशेष आग्रह है कि वे खुद तो मतदान करें ही, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।”

राजनीतिक रूप से यह चरण NDA और INDI गठबंधन दोनों के लिए निर्णायक माना जा रहा है। एनडीए जहाँ विपक्ष पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहा है तो वहीं विपक्ष अल्पसंख्यक मतदाताओं के समर्थन पर भरोसा जता रहा है।